इंडियन रेलवे रूल : ट्रेन में सफर करने वाले सावधान! रात 10 बजे के बाद इन 3 कामों पर लगा बैन, भारी पड़ सकती है गलती।
Indian Railway Night Rules : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है. अब प्लेटफॉर्म के नलों पर ब्रश करना, बर्तन धोना या कूड़ा फैलाना रेल अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा, जिसके लिए 500 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है. साथ ही, रात 10 बजे के बाद ट्रेन के भीतर तेज आवाज में बात करने, मोबाइल पर गाने सुनने और टीटीई द्वारा टिकट चेक करने को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि यात्रियों का सफर शांतिपूर्ण बना रहे.

इंडियन रेलवे रूल: ट्रेन में सफर करने वाले सावधान! रात 10 बजे के बाद इन 3 कामों पर लगा बैन, भारी पड़ सकती है गलती।
Indian Railway Night Rules : नई दिल्ली : ट्रेन का सफर वैसे तो बहुत मजेदार होता है, लेकिन आपकी एक छोटी सी लापरवाही या अनजाने में की गई गलती आपके सफर का मजा किरकिरा कर सकती है. अक्सर लोग स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों को अपनी निजी संपत्ति समझ लेते हैं और वहीं ब्रश करना या बर्तन धोना शुरू कर देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए, क्योंकि रेलवे अब ऐसे यात्रियों पर कड़ी नजर रख रहा है और मोटा जुर्माना वसूल रहा है.
प्लेटफॉर्म के नल पर ब्रश और बर्तन धोना है अपराध
हम में से कई लोगों की आदत होती है कि ट्रेन से उतरते ही प्लेटफॉर्म पर लगे पानी के नल पर मंजन-ब्रश करने लगते हैं या घर से लाए हुए टिफिन के जूठे बर्तन धोने लगते हैं. रेल अधिनियम 1989 के अनुसार, यह कानूनन जुर्म है. रेलवे के नियमों के मुताबिक, आप केवल शौचालय के वॉश बेसिन का ही इन कामों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप प्लेटफॉर्म के खुले नलों पर गंदगी फैलाते पकड़े जाते हैं, तो आपको 500 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है. इसके अलावा, स्टेशन की दीवारों पर थूकना, कूड़ा फैलाना या पोस्टर चिपकाना भी आपको जेल या जुर्माने की हवा खिला सकता है.
रात 10 बजे के बाद
रेलवे ने रात के सफर को आरामदायक बनाने के लिए समय तय किया है. रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ट्रेन के भीतर कुछ खास नियम लागू होते हैं.
टिकट चेकिंग पर रोक : अगर आप अपनी सीट पर सो रहे हैं, तो टीटीई आपको जगाकर टिकट नहीं मांग सकता. हालांकि, यह नियम उन पर लागू नहीं होता जो रात 10 बजे के बाद ट्रेन में सवार हुए हैं.
शोर मचाना पड़ेगा महंगा : रात 10 बजे के बाद आप मोबाइल पर लाउडस्पीकर चलाकर गाने नहीं सुन सकते और न ही तेज आवाज में बात कर सकते हैं. अगर आपकी वजह से किसी सह-यात्री की नींद खराब होती है, तो रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत आप पर कार्रवाई हो सकती है.
मिडिल बर्थ का नियम : अगर आपकी मिडिल बर्थ है, तो आप उसे रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच ही खोल सकते हैं. इसके बाद आपको सीट नीचे करनी होगी ताकि बाकी यात्री बैठ सकें.
लाइट्स और चार्जिंग : रात 10 बजे कोच की बड़ी लाइटें बंद कर दी जाती हैं. सुरक्षा के लिहाज से कई ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट्स भी बंद रखे जाते हैं.
क्यों जरूरी है सावधानी?
रेलवे का कमर्शियल विभाग अब लगातार चेकिंग अभियान चला रहा है. प्लेटफॉर्म पर सादे कपड़ों में भी अधिकारी तैनात रहते हैं जो गंदगी फैलाने वालों का तुरंत चालान काटते हैं. इसलिए, अगली बार जब आप स्टेशन पहुंचें, तो कूड़ा हमेशा डस्टबिन में डालें और नियमों का पालन करें. आपकी थोड़ी सी जागरूकता न केवल आपको जुर्माने से बचाएगी, बल्कि भारतीय रेलवे को स्वच्छ बनाने में भी मदद करेगी.
समय-समय भारतीय रेलवे ने कई नियम बनाएं
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए समय-समय पर कई महत्वपूर्ण नियम बनाए हैं. पहले के नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री अपनी ट्रेन मिस कर देता था, तो वह अगले दो स्टेशनों तक जाकर अपनी ट्रेन पकड़ सकता था. इस दौरान टीटीई उसकी सीट किसी और को आवंटित नहीं कर सकता था. इसके अलावा, यात्रियों के सामान की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन और आरपीएफ की विशेष गश्ती जैसी व्यवस्थाएं भी की गईं, ताकि सफर के दौरान किसी भी अप्रिय घटना या चोरी होने पर तुरंत मदद मिल सके.
एक अन्य बड़े बदलाव के तहत, वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए विकल्प योजना शुरू की गई थी. इसके जरिए अगर किसी यात्री की टिकट कन्फर्म नहीं होती, तो उसे उसी रूट की दूसरी ट्रेन में खाली सीट दी जा सकती है. साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा के लिए मेरी सहेली जैसी पहल की शुरुआत की गई, जिसमें अकेले सफर कर रही महिला यात्रियों को पूरे रास्ते सुरक्षा का अहसास कराया जाता है. इन सभी नियमों का मुख्य उद्देश्य रेल यात्रा को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-अनुकूल बनाना रहा है.
