India Plane Crash History: CDS बिपिन रावत से अजित पवार तक, हवाई हादसों में देश ने खोए कई दिग्गज, देखें दर्दनाक हादसों की पूरी टाइमलाइन
Deaths In Plane Crash: भारत ने एक बार फिर एक हवाई हादसे में बड़ा राजनीतिक चेहरा खो दिया है। महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार (66) का निधन हो गया है।

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Deaths In Plane Crash: भारत ने एक बार फिर एक हवाई हादसे में बड़ा राजनीतिक चेहरा खो दिया है। महाराष्ट्र के पुणे जिले के बारामती में हुए विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार (66) का निधन हो गया है। इस दुर्घटना में विमान में सवार पांच अन्य लोगों की भी मौत हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विमान रनवे के पास क्रैश लैंड हो गया जिसमें कोई भी सवार नहीं बच पाया।
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते थे। उनके निधन की खबर से राज्य ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब देश कुछ महीने पहले ही एक और बड़े विमान हादसे के दर्द से उबरने की कोशिश कर रहा था।
हाल के महीनों का बड़ा विमान हादसा जिसने दुनिया को झकझोर दिया
बारामती हादसे से पहले अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रहा एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। टेकऑफ के कुछ ही क्षण बाद विमान अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में एक रिहायशी इमारत से टकरा गया। इस हादसे ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में सनसनी फैला दी थी।
इस दुर्घटना के बाद कई देशों के नेताओं ने शोक जताया था। वही फ्लाइट में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि तमाम सुरक्षा उपायों के बावजूद हवाई यात्रा में जोखिम पूरी तरह खत्म क्यों नहीं हो पा रहा।
भारत में विमान हादसों का दर्दनाक इतिहास
भारत के इतिहास में कई ऐसे विमान और हेलीकॉप्टर हादसे दर्ज हैं जिनमें देश ने राजनीति, विज्ञान, रक्षा और सिनेमा जगत की बड़ी हस्तियों को खो दिया। ये घटनाएं अलग-अलग दौर में हुईं लेकिन हर बार देश को गहरा झटका दे गईं।
सुभाष चंद्र बोस
सबसे पुराना और सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला मामला सुभाष चंद्र बोस का है। 18 अगस्त 1945 को ताइवान के ताइहोकू एयरपोर्ट पर एक जापानी सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। दावा किया गया कि नेताजी इस हादसे में बुरी तरह झुलस गए थे और अस्पताल में उनका निधन हो गया। हालांकि उनकी मृत्यु को लेकर दशकों तक संदेह और अलग-अलग थ्योरी सामने आती रहीं। बाद में भारत सरकार ने गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर यह स्पष्ट किया था कि नेताजी का निधन विमान हादसे में ही हुआ था और उनकी अस्थियां जापान के टोक्यो स्थित रेनकोजी मंदिर में रखी हैं।
होमी जहांगीर भाभा
इसके बाद 24 जनवरी 1966 को देश ने अपने परमाणु कार्यक्रम के शिल्पकार होमी जहांगीर भाभा को खो दिया। एअर इंडिया की उड़ान 101 स्विट्जरलैंड के मोंट ब्लांक पर्वत से टकरा गई। जांच में सामने आया कि जिनेवा एयर ट्रैफिक कंट्रोल से गलत संचार इस हादसे की बड़ी वजह बना।
संजय गांधी
23 जून 1980 को एक और बड़ा राजनीतिक झटका लगा, जब संजय गांधी की दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे पर विमान दुर्घटना में मौत हो गई। वह खुद प्रशिक्षण उड़ान के दौरान विमान उड़ा रहे थे। करतब के दौरान नियंत्रण बिगड़ गया और महज 33 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
माधवराव सिंधिया
30 सितंबर 2001 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया का चार्टर्ड विमान उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के पास खराब मौसम और तकनीकी खराबी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में आग लग गई और सिंधिया के साथ पायलट, सह-पायलट और एक पत्रकार की भी मौत हुई।
जी.एम.सी. बालयोगी
इसके अगले ही साल, 3 मार्च 2002 को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी की आंध्र प्रदेश में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। तकनीकी खराबी के बाद आपात लैंडिंग की कोशिश के दौरान हेलीकॉप्टर दलदली इलाके में गिर गया।
अभिनेत्री सौंदर्या (के.एस. सौम्या सत्यनारायण)
17 अप्रैल 2004 को फिल्म सूर्यवंशम से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सौंदर्या (के.एस. सौम्या सत्यनारायण) भी हवाई दुर्घटना का शिकार हुईं। बेंगलुरु के पास उनका सेसना विमान क्रैश हो गया और 32 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
ओ.पी. जिंदल और मंत्री सुरेंद्र सिंह
31 मार्च 2005 को सहारनपुर के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे में उद्योगपति और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री ओ.पी. जिंदल और हरियाणा के कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह की जान चली गई। आपात स्थिति में की गई लैंडिंग तकनीकी खराबी के कारण हादसे में बदल गई।
मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी
3 सितंबर 2009 को आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी का सरकारी हेलीकॉप्टर नल्लामल्ला के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। खराब मौसम के कारण रडार संपर्क टूट गया था। करीब 24 घंटे बाद मलबा और सभी शव बरामद किए गए।
मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू
30 अप्रैल 2011 को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोर्जी खांडू का हेलीकॉप्टर तवांग के पास सेला पास क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। खराब मौसम और दुर्गम इलाका इस हादसे की बड़ी वजह बना।
CDS बिपिन रावत का हादसा
8 दिसंबर 2021 को भारत ने अपने पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुए एमआई-17 हेलीकॉप्टर हादसे में खो दिया। इस दुर्घटना में उनकी पत्नी सहित कुल 13 लोगों की मौत हुई। बाद में 2024 में संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट में इसे मानवीय चूक का परिणाम बताया गया।
क्या सिखाते हैं ये हादसे
भारत में हुए ये विमान और हेलीकॉप्टर हादसे बार-बार यह याद दिलाते हैं कि खराब मौसम, तकनीकी खराबी, मानवीय चूक और संचार में त्रुटियां हवाई दुर्घटनाओं के बड़े कारण रहे हैं। हर बड़े हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को सख्त किया गया, लेकिन जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका।
अजित पवार का निधन भारत की उस लंबी सूची में एक और नाम जोड़ देता है, जहां हवाई हादसों ने देश से उसके नेता, वैज्ञानिक और रक्षक छीन लिए। हर ऐसी घटना न सिर्फ शोक, बल्कि यह सवाल भी छोड़ जाती है कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए और क्या किया जा सकता है।
