Begin typing your search above and press return to search.

Digital Census 2027: आज से शुरू हुई देश की पहली डिजिटल जनगणना, 30 लाख कर्मचारी तैनात, पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, जानें जनगणना का पूरा शेड्यूल

Digital Census 2027: 1 अप्रैल 2026 से भारत की पहली डिजिटल जनगणना (Census 2027) शुरू हो गई है। जानिए घर-घर जाकर पूछे जाने वाले 33 सवालों की लिस्ट, सेल्फ-एन्यूमरेशन और जातिगत गणना का पूरा शेड्यूल।

Digital Census 2027: आज से शुरू हुई देश की पहली डिजिटल जनगणना, 30 लाख कर्मचारी तैनात, पूछे जाएंगे ये 33 सवाल, जानें जनगणना का पूरा शेड्यूल
X
By Ragib Asim

नई दिल्ली 1 अप्रैल 2026। भारत सरकार (Government of India) ने आज (1 अप्रैल 2026) से देश की पहली डिजिटल जनगणना (Digital Census 2027) का पहला चरण शुरू कर दिया है। कोरोना महामारी के कारण सालों से अटकी इस 16वीं राष्ट्रीय जनगणना में देश के हर नागरिक का डेटा मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के जरिए जुटाया जाएगा। इस बार ऐतिहासिक बदलाव करते हुए 1931 के बाद पहली बार जातिगत गणना (Caste Census) को भी शामिल किया गया है।

दो चरणों में पूरा होगा महा-अभियान

केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 11,718.24 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महा-योजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। देशभर में करीब 30 लाख फील्ड कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

पहला चरण (अप्रैल-सितंबर 2026): इसे 'हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग ऑपरेशंस' नाम दिया गया है। आज से शुरू होकर यह चरण 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें घरों की लिस्टिंग और सुविधाओं का डेटा जुटाया जाएगा।

दूसरा चरण (फरवरी 2027): इस चरण में 'जनसंख्या गणना' (Population Census) और 'जातिगत गणना' की जाएगी।

नोट: बर्फबारी वाले क्षेत्रों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 में ही करा ली जाएगी।

अधिकारियों द्वारा पूछे जाएंगे ये 33 अहम सवाल

पहले चरण में जनगणना अधिकारी (Census Officers) हर घर पहुंचकर मोबाइल ऐप के जरिए 33 अहम सवाल पूछेंगे। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • घर के मुखिया का नाम, जेंडर और कैटेगरी (SC/ST/OBC या अन्य)।
  • घर का मालिकाना हक और रहने वाले कमरों की संख्या।
  • पीने के पानी का मुख्य स्रोत, शौचालय का प्रकार और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता।
  • घर में मौजूद एसेट्स: रेडियो, टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन, वाहन (साइकिल/कार/स्कूटर)।
  • मुख्य रूप से उपभोग किए जाने वाले अनाज और जनगणना संचार के लिए एक मोबाइल नंबर।

अब नागरिक खुद भी भर सकेंगे अपना डेटा

इस डिजिटल जनगणना (Digital Census) की सबसे बड़ी खासियत 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) है। नागरिक अपने राज्य में गृह गणना शुरू होने से 15 दिन पहले पोर्टल पर जाकर 16 भाषाओं में अपनी जानकारी खुद भर सकते हैं।

जानकारी सबमिट करने के बाद एक 16-अंकों की विशिष्ट आईडी (Unique ID) जनरेट होगी। जब जनगणना अधिकारी सत्यापन (Verification) के लिए आपके घर आएंगे तो आपको बस यह आईडी उनके साथ शेयर करनी होगी।

ऐप से होगी डेटा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग

भारत के महापंजीयक (RGI) के सिस्टम के मुताबिक, जनगणना का पूरा डेटा एंड्रॉयड और iOS मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से कलेक्ट किया जाएगा। डेटा की सटीकता और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए CMMS (सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) पोर्टल बनाया गया है।

राजनीतिक और सामाजिक जनजारिये से यह जनगणना इसलिए भी अहम है क्योंकि स्वतंत्रता के बाद यह पहली बार है जब भारत में आधिकारिक रूप से जातिगत जनगणना (Caste Census) कराई जा रही है। इससे पहले आखिरी बार 1881 और 1931 के बीच जाति आधारित गणना हुई थी।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story