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IG Amar Singh Suicide Update : पूर्व IG अमर सिंह चहल की लास्ट अपील : 8 करोड़ की साइबर ठगी और 12 पन्नों के सुसाइड नोट में बर्बादी की पूरी दास्तां

IG Amar Singh Suicide Update : एक जांबाज पुलिस अधिकारी, जिसने दशकों तक कानून की रक्षा की, वह खुद शातिर साइबर ठगों के जाल में ऐसा फंसा कि उसे मौत को गले लगाना बेहतर लगा।

IG Amar Singh Suicide Update : पूर्व IG अमर सिंह चहल की लास्ट अपील : 8 करोड़ की साइबर ठगी और 12 पन्नों के सुसाइड नोट में बर्बादी की पूरी दास्तां
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IG Amar Singh Suicide Update : पूर्व IG अमर सिंह चहल की लास्ट अपील : 8 करोड़ की साइबर ठगी और 12 पन्नों के सुसाइड नोट में बर्बादी की पूरी दास्तां

By Uma Verma

IG Amar Singh Suicide Update : पटियाला। पंजाब के पूर्व इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IG) अमर सिंह चहल द्वारा खुदकुशी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक जांबाज पुलिस अधिकारी, जिसने दशकों तक कानून की रक्षा की, वह खुद शातिर साइबर ठगों के जाल में ऐसा फंसा कि उसे मौत को गले लगाना बेहतर लगा। अमर सिंह ने खुद को गोली मारने से पहले 12 पन्नों का एक विस्तृत सुसाइड नोट लिखा थ, जिसे उन्होंने लास्ट अपील का नाम दिया है। इस नोट के 45 बिंदुओं में उन्होंने अपनी बेबसी, ठगों की चालाकी और 8 करोड़ रुपये डूबने का पूरा ब्योरा दिया है।

IG Amar Singh Suicide Update : व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का मायाजाल अमर सिंह चहल ने अपने नोट में बताया कि यह सब एक व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए शुरू हुआ। इस ग्रुप में रजत वर्मा नाम का व्यक्ति खुद को DBS ग्रुप का CEO बताता था। ठगों ने खुद को सेबी (SEBI) और सरकार से मान्यता प्राप्त 'वेल्थ इक्विटी एडवाइजर' के रूप में पेश किया। 25 अक्टूबर 2023 से रजत वर्मा रोज ग्रुप में शेयर बाजार से जुड़ी सलाह देने लगा। शुरुआत में निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए ठगों ने 40% तक मुनाफे का लालच दिया और छोटे-छोटे प्रॉफिट के स्क्रीनशॉट दिखाए। पूर्व आईजी ने भी भरोसा कर निवेश शुरू किया, उन्हें एक फर्जी डैशबोर्ड दिखाया जाता था जिसमें रोज लाखों का मुनाफा दिखता था, लेकिन वह सब महज एक छलावा था।

IG Amar Singh Suicide Update : IPO और OTC ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की लूट सुसाइड नोट के मुताबिक, ठगों ने निवेश के लिए कई जटिल तरीके अपनाए। उन्होंने वन-क्लिक सब्सक्रिप्शन के जरिए IPO में अधिक शेयर दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद OTC (ओवर-द-काउंटर) ट्रेडिंग और 'क्वांटिटेटिव फंड्स' जैसे शब्दजाल में फंसाकर निवेश को कई गुना बढ़ा दिया गया। ठगों ने दावा किया कि यह मुनाफा बाजार से नहीं बल्कि DBS की आंतरिक डील्स से आता है। मीना भट्ट नाम की एक कथित विशेषज्ञ लगातार पूर्व आईजी को उकसाती रही कि वे अपनी होल्डिंग कम न करें। जब दिसंबर 2023 में चहल ने 5 करोड़ रुपये निकालने चाहे, तो ठगों ने 15% सर्विस फीस और 3% टैक्स के नाम पर 2.25 करोड़ रुपये और मांग लिए। उन्होंने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से उधार लेकर यह रकम भी चुका दी, लेकिन पैसा फिर भी वापस नहीं मिला।

कर्ज का बोझ और समाज में लोक-लाज का डर

अमर सिंह ने नोट में अत्यंत दुख के साथ लिखा कि उनकी अपनी पूंजी केवल 1 करोड़ रुपये थी, जबकि बाकी के 7 करोड़ रुपये उन्होंने करीबियों से उधार लिए थे। जब पैसा वापस मिलने की उम्मीद खत्म हो गई, तो वे गहरे अवसाद (Depression) में चले गए। उन्होंने लिखा कि वे न तो उधार चुका पा रहे हैं और न ही समाज में सिर उठाकर जी पा रहे हैं। उन्होंने अपनी 'अंतिम अपील' में पंजाब पुलिस से गुहार लगाई है कि एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जाए ताकि इन ठगों को पकड़ा जा सके। उन्होंने उन बैंक खातों (Axis, HDFC, ICICI) का भी पूरा विवरण दिया है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। साथ ही, उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा और कर्जदारों से उन्हें परेशान न करने की मार्मिक विनती भी की है।

अतीत के विवाद और प्रोफेशनल लाइफ का तनाव

गौरतलब है कि अमर सिंह चहल का नाम केवल इस ठगी के लिए ही नहीं, बल्कि 2015 के बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड से भी जुड़ा रहा है। इस मामले में उन पर और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों व राजनेताओं पर चार्जशीट दाखिल की गई थी। पूर्व आईजी ने अपने नोट में यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी खुदकुशी के लिए अपने ही गनमैन की राइफल का उपयोग किया। उन्होंने अंत में लिखा कि यदि उन्हें दोबारा जीवन मिले, तो वे एक ईमानदार पुलिस अधिकारी बनकर ऐसे अपराधों को रोकना चाहेंगे। फिलहाल, एडीजीपी गुरिंदर सिंह ढिल्लों के अनुसार अमर सिंह की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन इस घटना ने साइबर सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रोफेशनल करियर और रसूख: अमर सिंह चहल पंजाब पुलिस के एक सीनियर अधिकारी रहे हैं, जो इंस्पेक्टर जनरल (IG) के पद से रिटायर हुए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें एक सख्त और रसूखदार अधिकारी माना जाता था। उन्होंने पंजाब के कई संवेदनशील जिलों और क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। पटियाला और उसके आसपास के इलाकों में उनकी गिनती प्रभावशाली व्यक्तित्वों में होती थी। रिटायरमेंट के बाद वे अपनी सामाजिक और व्यक्तिगत लाइफ में सक्रिय थे, लेकिन हाल ही में हुए 8 करोड़ के साइबर फ्रॉड ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके कारण उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया।

विवादों से नाता (बहबल कलां गोलीकांड): अमर सिंह चहल का नाम पंजाब के सबसे चर्चित और विवादित बहबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड (2015) से भी गहराई से जुड़ा रहा है। साल 2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने फायरिंग की थी, जिसमें दो सिखों की मौत हो गई थी। उस समय अमर सिंह चहल पुलिस के उच्च पदों पर तैनात थे। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने फरवरी 2023 में जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसमें अमर सिंह चहल का नाम प्रमुखता से शामिल था। इस केस में प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल जैसे दिग्गज राजनेताओं के साथ उनका नाम आने से वे काफी समय तक कानूनी और राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहे थे।

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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