IAS Rashmi Kamal: कौन हैं IAS रश्मि कमल? जिन्हें मिली बंगाल जनगणना 2027 की कमान, जानिए डॉक्टर से टॉप ब्यूरोक्रेट तक का सफर
IAS Rashmi Kamal: रश्मि कमल को गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल का जनगणना संचालन निदेशक नियुक्त किया। 2006 बैच की IAS अफसर 2024 लोकसभा चुनाव में विवाद के बाद सुर्खियों में आई थीं।

नई दिल्ली 5 Feb 2026: चर्चित आईएएस अधिकारी रश्मि कमल को पश्चिम बंगाल में आगामी जनगणना 2027 की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। गृह मंत्रालय ने उन्हें राज्य का जनगणना संचालन निदेशक (Director of Census Operations) और नागरिक पंजीकरण निदेशक नियुक्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद वे अगले तीन वर्षों तक इस अहम ओहदे पर कायम पर रहेंगी।
2006 बैच की अनुभवी IAS अधिकारी
रश्मि कमल पश्चिम बंगाल कैडर की 2006 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में उन्हें लगभग दो दशकों का अनुभव है। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की और इसके बाद प्रशासनिक क्षेत्र में कदम रखा। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली स्थित Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से स्नातकोत्तर पढ़ाई भी की है। प्रशासनिक हलकों में रश्मि कमल को कुशल अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। वे हिंदी, अंग्रेजी और बंगाली भाषाओं में धाराप्रवाह हैं, जिसे उनके कामकाज में बड़ी ताकत माना जाता है।
जनगणना 2027 में क्या होगी भूमिका
रश्मि कमल की नियुक्ति केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत सेंट्रल डेपुटेशन पर की गई है और उनका मुख्यालय कोलकाता होगा। जनगणना संचालन निदेशक के रूप में वे पश्चिम बंगाल में दशकीय जनगणना से जुड़ी सभी गतिविधियों की निगरानी करेंगी। इसके साथ ही नागरिकता अधिनियम के तहत नागरिक पंजीकरण से जुड़े कामों की भी जिम्मेदारी उन्हीं के पास होगी।
गृह मंत्रालय के अनुसार जनगणना 2027 दो चरणों में होगी। पहला चरण हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन (HLO) के तहत अप्रैल से सितंबर 2027 के बीच चलेगा जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना (PE) फरवरी 2028 में होने की संभावना है। इन दोनों चरणों के सुचारू संचालन की कमान अब रश्मि कमल के हाथ में होगी।
2024 लोकसभा चुनाव में क्यों आई थीं सुर्खियों में
रश्मि कमल का नाम 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान खासा चर्चा में रहा था। उस समय वे कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट पर रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के तौर पर तैनात थीं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप था कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार Mala Roy का नामांकन गलत तरीके से स्वीकार किया। विवाद के बाद चुनाव आयोग ने रश्मि कमल को रिटर्निंग ऑफिसर के पद से हटा दिया था।
क्या था भाजपा बनाम रश्मि कमल विवाद
भाजपा का दावा था कि माला रॉय उस समय कोलकाता नगर निगम (KMC) की चेयरपर्सन थीं और यह ‘लाभ का पद’ माना जाना चाहिए था। पार्टी ने नामांकन रद्द करने की मांग की थी।हालांकि रश्मि कमल ने नामांकन स्वीकार करते हुए यह तर्क दिया था कि उम्मीदवार 2019 से कोई वेतन नहीं ले रही थीं। इस फैसले को लेकर विवाद बढ़ा और आखिरकार चुनाव आयोग ने उन्हें और एक अन्य अधिकारी को ट्रांसफर कर दिया।
