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IAS Pooja Khedkar: क्या पूजा खेड़कर ने IAS बनने के लिए फर्ज़ी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया? प्रशासन अकादमी मसूरी ने ट्रेनिंग रद्द कर बुलाया वापिस

IAS Puja Khedkar: महाराष्ट्र कैडर की विवादित आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर को झटका देते हुए लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी ने उनकी डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग रद्द कर दिया है। अकादमी ने उन्हें तुरंत वापिस बुलाया है।

IAS Pooja Khedkar: क्या पूजा खेड़कर ने IAS बनने के लिए फर्ज़ी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया?  प्रशासन अकादमी मसूरी ने ट्रेनिंग रद्द कर बुलाया वापिस
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By Ragib Asim

IAS Pooja Khedkar: महाराष्ट्र कैडर की 2023 बैच की नई आईएएस पूजा खेडकर का विवाद और तूल पकड़ जा रहा है। पूजा के वीआईपी नखरे से शुरू हुआ मामला अब उनकी आईएएस की सर्विस पर तलवार लटकने तक पहुंच गया है। उनके खिलाफ गलत दस्तावेजों के आधार पर आईएएस की नौकरी हथियाने के मामले में रोज नए-नए खुलासे के बाद अब लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी मसूरी ने उनकी जिले की ट्रेनिंग रोक दिया है। अकादमी ने महाराष्ट्र राज्य के एडिशनल चीफ सिकरेट्री पर्सनल नीतीन गद्रे को पत्र लिख पूजा खेडकर को तुरंत मसूरी वापिस भेजने कहा है। इसके बाद गद्रे ने पूजा को पत्र लिख तुरंत मसूरी जाने कहा है। बता दें, यूपीएससी में सलेक्शन के बाद आईएएस अफसरों को ट्रेनिंग के लिए प्रशासन अकादमी मसूरी भेजा जाता है। पूजा खेडकर प्रोबेशन पीरियड में जिले में प्रशिक्षण के लिए पुणे आई थी। मगर वहां वे विवादों में पड़ गई।


विकलांगता का गलत प्रमाण पत्र

पूजा खेडकर पर फर्जी दिव्यांगता का प्रमाण पत्र देकर नौकरी हथियाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। पूजा ने पहले 2018 और 2021 में पहले दृष्टि प्रभावित होने और मानसिक बीमारी का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाया था। उसके बाद 2022 में फिर पूणे के जिला अस्पताल में पैर की दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए आवेदन लगाया। और प्रमाण पत्र प्राप्त भी कर लिया। जबकि, जांच में यह बात सामने आई है कि पूजा के पैर में सालों पहले कभी चोट आई थी। इस वजह से 7 प्रतिशत विकलांगता है। जबकि, यूपीएससी परीक्षा में दिव्यांगता केटेगरी में छूट हासिल करने के लिए 40 फीसदी दिव्यांगता होनी चाहिए। पुलिस ने इस फर्जीवाड़े की जांच शुरू कर दी है।

क्रीमिलेयर सर्टिफिकेट भी आरोपों के घेरे में

पूजा खेडकर ने यूपीएससी परीक्षा के लिए ख्ुद को नॉन क्रीमिलेयर बताया है। जबकि, उनके पिता आईएएस अधिकारी रह चुके हैं। खुद पूजा के नाम पर 17 करोड़ रुपए की संपत्ति बताई जा रही है। याने पूजा ने आईएएस की नौकरी के लिए फर्जी नॉन क्रीमिलेयर के सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर अपने लिए मुसीबत मोल ले ली।

ऐसे आई सुर्खियों में

प्रोबेशन पर जिले में ट्रेनिंग करने पूणे आई पूजा खेडकर ने ज्वाईन करते ही नखरे दिखाने लगी। उन्होंने अगल चेंबर, गाडी समेत कई अन्य सुविधाओं के लिए दबाव बनाने लगी। जबकि, ट्रेनी आईएएस को ये सुविधाएं नहीं दी जाती। एक दिन अपर कलेक्टर छुट्टी पर गए तो पूजा ने उनका समान निकाल खुद नेम प्लेट लगवाकर उसमें काबिज हो गई। उन्हें सुविधाएं मुहैया कराने के लिए उनके पिता भी अफसरों पर प्रेशर बना रहे थे। यही नहीं, एकदम नई आईएएस होने के बाद भी पूजा ने एक ट्रांसपोर्टर्स को बचाने के लिए डीसीपी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी पर दबाव बनाया। पूजा खेडकर की नाज-नखरों की शिकायत मिलने के बाद सरकार ने उन्हें वासिम ट्रांसफर कर दिया। मगर तब तक उनके खिलाफ कई मामले बाहर आ गए।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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