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Hubli BJP Woman Worker Case : BJP महिला कार्यकर्ता को निर्वस्त्र करने के आरोप से हड़कंप, पुलिस की थ्योरी या बर्बरता? सियासी संग्राम शुरू

Hubli BJP Woman Worker Case : हुबली के केशवपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों पर एक महिला BJP कार्यकर्ता को निर्वस्त्र करके उनके साथ गलत बर्ताव करने का संगीन और बड़ा आरोप लगा है।

Hubli BJP Woman Worker Case : BJP महिला कार्यकर्ता को निर्वस्त्र करने के आरोप से हड़कंप, पुलिस की थ्योरी या बर्बरता? सियासी संग्राम शुरू
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Hubli BJP Woman Worker Case : BJP महिला कार्यकर्ता को निर्वस्त्र करने के आरोप से हड़कंप, पुलिस की थ्योरी या बर्बरता? सियासी संग्राम शुरू

By UMA

Hubli BJP woman worker case : हुबली (कर्नाटक)। कर्नाटक के हुबली से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया हैं जो बेहद हैरान कर देने वाला हैं , जिसने राज्य में सियासी तूफान ला दिया हैं हुबली के केशवपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों पर एक महिला BJP कार्यकर्ता को निर्वस्त्र करके उनके साथ गलत बर्ताव करने का संगीन और बड़ा आरोप लगा है। कांगेस बीजेपी के बीच छिड़ी यह जंग कोई पुरानी विवाद के कारण बताई जा रहीं हैं

Hubli BJP woman worker case : क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ मतदाता सूची पुनरीक्षण यानि SIR प्रक्रिया से जुड़ी है। जहा आरोप है कि हाल ही में कांग्रेस छोड़कर BJP में शामिल हुई इस महिला कार्यकर्ता ने मतदाता सूची से कुछ लोगो के नाम हटवाने में अधिकारियों की मदद की थी। बस इसी बात को लेकर 1 जनवरी को कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई। कांग्रेस पार्षद सुवर्णा कल्लाकुंतला की शिकायत के बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी हैं

इस मामले में अब दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं, जो मानवाधिकार और पुलिस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहें हैं

बीजेपी कार्यकर्ताओं का आरोप : समर्थकों और उनके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने कांग्रेस पार्षद के दबाव में आकर महिला के साथ गलत व्यवहार किया और उन्हें निर्वस्त्र कर अपमानित किया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों के बाद समर्थकों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है।

पुलिस कमिश्नर ने क्या कहा : पुलिस कमिश्नर एन. शशिकुमार के अनुसार , महिला पर पहले से ही 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 5 जनवरी को जब पुलिस टीम उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय उल्टा विरोध और बवाल करना शुरू कर दिया। पुलिस ने ये बताया कि महिला ने खुद पुलिस वैन में अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे, जिसे रोकने के लिए वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने कोशिश की।

अगर सही मायने में सोचा जाये तो यह घटना कई गंभीर सवाल खड़ी करती है। यदि पुलिस ने जो बताया वो सही है, तो यह क़ानूनी रूप से आने वाली कई चुनौतियों को बता रहा है। वहीं, यदि महिला बीजेपी के आरोपों में सत्यता है, तो यह खाकी के नाम पर एक काला धब्बा है। परिस्थिति चाहे जो भी हो एक महिला की गरिमा और मानवाधिकारों की रक्षा हमेशा पहले होनी चाहिए

फिलहाल, पुलिस कमिश्नर खुद केशवपुर थाने में मौजूद रहकर मामले की गहराई से तहकीकात कर रहे हैं। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और मामले की ऊँचे स्तर पर जाँच जारी हैं

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