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IPS Y Puran Kumar Case Update: चौथे दिन भी भी नहीं हुआ IPS का पोस्टमॉर्टम, सरकार ने परिवार को मनाने के लिए भेजा मंत्री, DGP की छुट्टी तय

IPS Y Puran Kumar Case Update: IPS पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले ने हरियाणा प्रशासन और पुलिस महकमे को हिला दिया है। चार दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है, जबकि सरकार लगातार परिवार को मनाने की कोशिश कर रही है।

IPS Y Puran Kumar Case Update: चौथे दिन भी भी नहीं हुआ IPS का पोस्टमॉर्टम, सरकार ने परिवार को मनाने के लिए भेजा मंत्री, DGP की छुट्टी तय
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By Ragib Asim

IPS Y Puran Kumar Case Update: IPS Y Puran Kumar Case Update: हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की मौत के चार दिन बाद भी पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया है। अधिकारी का शव फिलहाल सेक्टर 16 स्थित अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखा गया है। शुक्रवार रात हरियाणा सरकार ने परिवार को मानाने के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार को बातचीत के लिए भेजा। पंवार ने मृतक आईपीएस की पत्नी अमनीत पी. कुमार से दो बार मुलाकात कर पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार के लिए समझाने की कोशिश की।

रात 10 बजे होम सेक्रेटरी डॉ. सुमिता मिश्रा ने भी अमनीत से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार बातचीत के बाद परिवार ने पोस्टमॉर्टम पर सहमति जताई है। संभावना है कि आज शनिवार सुबह शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। हालाँकि अभी यह तय नहीं है कि यह चंडीगढ़ में होगा या PGI में। परिवार की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

15 अफसरों पर दर्ज हुई FIR

गुरुवार देर रात सेक्टर 11 थाना, चंडीगढ़ में इस मामले में हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी, DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारणिया समेत 15 वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ भारत न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 3(5) और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। यह हरियाणा के इतिहास का पहला मामला है जब इतने बड़े अधिकारियों पर एक साथ केस दर्ज हुआ है।

SIT का गठन

चंडीगढ़ पुलिस ने सुसाइड केस की जांच के लिए IG पुष्पेंद्र कुमार की अध्यक्षता में छह सदस्यीय SIT बनाई है। इसमें SSP कंवरदीप कौर समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। उधर, हरियाणा सरकार ने पूरन कुमार के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। सेक्टर 24 स्थित सरकारी आवास पर अस्थायी पुलिस बूथ बनाया गया है और फोर्स तैनात है।

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DGP कपूर की छुट्टी लगभग तय

सूत्रों के मुताबिक DGP शत्रुजीत कपूर की छुट्टी तय मानी जा रही है। उनकी जगह ओपी सिंह, आलोक मित्तल और अरशिंद्र सिंह चावला के नामों पर चर्चा है। आलोक मित्तल और अरशिंद्र सिंह चावला दोनों को हाल ही में DG रैंक दी गई है। वहीं ओपी सिंह की जल्द रिटायरमेंट को देखते हुए यह फैसला टाला जा सकता है।

आईएएस अमनीत का FIR को लेकर एतराज, SSP से हुई तीखी बातचीत

IG पूरन की पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार ने FIR की भाषा और फॉर्मेट पर नाराजगी जताई है। उन्होंने SSP कंवरदीप कौर को आवेदन देकर कहा कि एफआईआर में आरोपियों के नाम स्पष्ट कॉलम में नहीं लिखे गए हैं और इसे फिक्स फॉर्मेट में दोबारा दर्ज किया जाए। इसको लेकर दोनों के बीच गर्मागर्म बहस भी हुई।

NCSC चेयरमैन बोले- परिवार को न्याय मिलेगा

शुक्रवार शाम राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के चेयरमैन किशोर मकवाना मृतक आईपीएस के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार से लगभग डेढ़ घंटे बातचीत की और कहा, पूरन कुमार के परिवार को पूरा न्याय दिलाया जाएगा। आयोग खुद इस मामले की निगरानी करेगा।

मामले की कानूनी स्थिति

कानून के जानकारों के मुताबिक सरकारी अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज करने पर रोक नहीं है, लेकिन मुकदमा शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी की अनुमति जरूरी होती है। अगर अनुमति नहीं दी गई तो कोर्ट में केस खारिज हो सकता है।

यह केस केंद्रशासित क्षेत्र चंडीगढ़ में दर्ज हुआ है, जबकि आरोपी अधिकारी हरियाणा कैडर के हैं। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही हरियाणा सरकार किसी तरह की कार्रवाई कर पाएगी। इतने बड़े पैमाने पर वरिष्ठ अफसरों पर एफआईआर दर्ज होना अभूतपूर्व है, इसलिए सरकार फिलहाल किसी जल्दबाजी से बचना चाहती है।

यह मामला हरियाणा पुलिस सिस्टम के वर्क कल्चर और अफसरों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। साथ ही यह नौकरशाही के भीतर बढ़ते तनाव और जातिगत भेदभाव पर चर्चा का दरवाजा खोलता है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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