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Gujarat High Court News: ‘शादी कोई लाइसेंस नहीं’... पत्नी से अप्राकृतिक संबंध बनाने और रेप का आरोप, पति को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार

Gujarat HC Rejects Anticipatory Bail: पत्नी से जबरन अप्राकृतिक संबंध और बार-बार रेप के आरोपों में गुजरात हाईकोर्ट ने गुरुग्राम के बिजनेसमैन पति को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया।

Gujarat High Court News: ‘शादी कोई लाइसेंस नहीं’... पत्नी से अप्राकृतिक संबंध बनाने और रेप का आरोप, पति को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
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Image Source: npg.news

By Ragib Asim

अहमदाबाद 16 जनवरी। पत्नी के साथ जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने और शादी के दौरान बार-बार बलात्कार करने के आरोप में गुजरात हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है। अदालत ने गुरुग्राम के एक बिजनेसमैन की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि शादी का रिश्ता किसी को भी दूसरे की शारीरिक आज़ादी छीनने का अधिकार नहीं देता। यह मामला अहमदाबाद की डीसीबी क्राइम ब्रांच में दर्ज शिकायत से सामने आया है जिसमें महिला ने अपने पति के साथ-साथ सास और ससुर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

पत्नी का आरोप- जबरन अप्राकृतिक संबंध और बार-बार रेप
पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति उसकी मर्जी के बिना अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था, शादी के दौरान कई बार उसकी इच्छा के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए, दहेज को लेकर लगातार दबाव और उत्पीड़न करता रहा, इतना ही नहीं महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके ससुर ने उसके साथ छेड़छाड़ की लेकिन पति ने उसे बचाने या विरोध करने के बजाय चुप्पी साधे रखी।
2022 में हुई थी शादी, पहली पत्नी पर भी लगे थे ऐसे ही आरोप
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक उसकी शादी साल 2022 में हुई थी। यह उसकी पहली शादी थी जबकि आरोपी की यह दूसरी शादी बताई गई है। महिला ने अदालत को बताया कि आरोपी की पहली पत्नी ने भी उस पर इसी तरह के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
इस बात को कोर्ट ने गंभीरता से लिया और कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद तथ्य यह संकेत देते हैं कि यह कोई एक बार की घटना नहीं बल्कि व्यवहार का दोहराया गया पैटर्न हो सकता है।
आरोपी का पक्ष- आरोप झूठे, वैवाहिक विवाद का नतीजा
गिरफ्तारी की आशंका के चलते आरोपी ने गुजरात हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की मांग की थी। उसका कहना था कि वह गुरुग्राम का एक प्रतिष्ठित व्यवसायी है उस पर लगाए गए सरे आरोप निराधार हैं, यह पूरा मामला वैवाहिक विवाद से प्रेरित है, हालांकि पत्नी की ओर से पेश वकील ने आरोपों की गंभीरता और कथित अत्याचारों का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस डी. ए. जोशी ने अग्रिम जमानत से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा आधुनिक कानूनी व्यवस्था में शारीरिक स्वायत्तता सर्वोपरि है चाहे संबंध वैवाहिक ही क्यों न हो। अंतरंग संबंध तभी स्वीकार्य हैं जब वे सहमति और सम्मान पर आधारित हों।
कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी की इच्छा के विरुद्ध बनाए गए संबंध न केवल शारीरिक पीड़ा देते हैं, बल्कि गंभीर मानसिक और भावनात्मक नुकसान भी पहुंचाते हैं। अदालत ने यह टिप्पणी भी की कि कोई महिला बिना ठोस वजह के ऐसे संवेदनशील आरोप सार्वजनिक मंच पर नहीं लाती। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

Ragib Asim

Ragib Asim News Editor, NPG News Ragib Asim is the News Editor at NPG News with over 15 years of experience across print, television, and digital journalism. He began his career with Hindustan in 2011 and has worked with Jain TV, TV One, NewsTrack, Special Coverage, Janjwar, and The Hans India. He studied Mass Communication at Jamia Millia Islamia, holds a Master’s degree in Political Science from the University of Delhi, and has pursued Islamic Studies at Nadwatul Ulama. Ragib is proficient in Urdu, Hindi, Arabic, and English. His reporting and editorial work focuses on politics, geopolitics, current affairs, crime, business, technology, education, automobiles, and careers, with a strong specialization in SEO-, AEO-, and GEO-driven news strategy. Contact: [email protected]

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