झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के 22 वर्षीय पोते की हिमाचल में मौत, दोस्त के साथ मनाली आया था घूमने, होमस्टे के कमरे में मिला शव!
Champai Soren Grandson Death : हिमाचल प्रदेश की वादियों में सैर-सपाटे पर निकले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के 21 वर्षीय पोते, वीर सोरेन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई हैं. मनाली के एक होमस्टे में ठहरे वीर की कल दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया. मौत से पहले उनके सिर में तेज दर्द और मुंह से झाग निकलने की बात सामने आई है, जिसने घटना को और भी गंभीर बना दिया है.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री के 22 वर्षीय पोते की हिमाचल में मौत, दोस्त के साथ मनाली आया था घूमने, होमस्टे के कमरे में मिला शव!
Champai Soren Grandson Death : मनाली : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. उनके 21 वर्षीय पोते, वीर सोरेन का हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मनाली में निधन हो गया है. वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ पहाड़ियों की वादियों का आनंद लेने मनाली गए थे, लेकिन वहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया.
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वीर सोरेन अपने मित्रों के साथ 22 फरवरी को मनाली पहुंचा था. वो सभी सिमसा क्षेत्र के हिमालयन सैलेट होम स्टे में ठहरे हुए थे. बताया जा रहा है कि 23 फरवरी को सभी दोस्तों ने सोलंग और सेथन की वादियों की सैर की और शाम को वापस अपने कमरे पर लौट आए.
घटना वाले दिन यानी 24 फरवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे, जब सभी दोस्त आसपास घूमकर वापस लौटे, तो वीर सोरेन सो गया. जब दोस्तों ने उसे जगाने की कोशिश की, तो वीर ने बताया उसके सर में तेज दर्द हो रहा हैं. दोस्तों ने तुरंत ऑनलाइन डिलीवरी ऐप ब्लिंकिट के जरिए दवा मंगवाई और वीर को दी, जिसके बाद वो दोबारा सो गया.
अचानक बिगड़ी तबियत
करीब दोपहर 2:30 बजे कमरे से कुछ गिरने की आवाज आई. दोस्त जब भागकर कमरे में पहुंचे, तो देखा कि वीर सोरेन बिस्तर से नीचे फर्श पर गिरा हुआ था. आनन-फानन में उसे निजी वाहन की मदद से सिविल अस्पताल मनाली ले जाया गया. प्रत्यक्षदर्शियों और उसके दोस्त अग्नय वर्मा के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय वीर के मुंह से झाग निकलने लगा था, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई.
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने वीर को बचाने की हर संभव कोशिश की और काफी देर तक सीपीआर भी दिया, लेकिन शरीर में कोई हलचल नहीं हुई अंततः डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मनाली पुलिस को जब अस्पताल से इस घटना की सूचना मिली, तो टीम तुरंत मौके पर पहुंची. जांच अधिकारी ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया है. शुरुआती जांच में शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट या संदिग्ध निशान नहीं मिले हैं. डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि मृतक के शव को फिलहाल मनाली के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है.
झारखंड में उसके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है. परिजनों के मनाली पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. मौत की असली वजह क्या रही क्या यह साइलेंट अटैक था या कोई अन्य मेडिकल इमरजेंसी इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा. फिलहाल, इस खबर से चंपाई सोरेन के समर्थकों और झारखंड के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है.
कौन हैं चंपाई सोरेन
चंपाई सोरेन झारखंड की राजनीति का एक ऐसा नाम हैं जिन्हें जनता प्यार से झारखंड का टाइगर कहती है. सरायकेला-खरसावां जिले के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे चंपाई सोरेन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 90 के दशक में अलग झारखंड राज्य की मांग के आंदोलन से की थी. वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के सबसे भरोसेमंद और कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं. शिबू सोरेन के बेहद करीबी होने के कारण उन्हें गुरुजी का दाहिना हाथ माना जाता है. वे सरायकेला विधानसभा सीट से कई बार विधायक चुने जा चुके हैं और राज्य सरकार में परिवहन सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री भी रहे हैं.
चंपाई सोरेन सुर्खियों में तब आए, जब फरवरी 2024 में हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद उन्होंने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. हालांकि, उनका कार्यकाल बहुत लंबा नहीं रहा और कुछ महीनों बाद हेमंत सोरेन की वापसी पर उन्होंने पद छोड़ दिया. हाल के दिनों में चंपाई सोरेन ने अपनी पुरानी पार्टी JMM का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया, जिससे राज्य की सियासत में बड़ी हलचल मच गई थी. सादगी पसंद और जमीन से जुड़े नेता होने के कारण आदिवासियों और पिछड़ों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.
