अपना पीएफ भूल गए तो फिक्र मत कीजिए, सरकार खुद ढूँढकर आपके बैंक खाते में भेजेगी सालों से अटका पैसा, जानें कैसे
EPFO Inactive Account Refund 2026 : केंद्र सरकार ने करोड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए बरसों से निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में भेजने का फैसला किया है. इस नई पहल के तहत अब बिना किसी कागजी भागदौड़ के 31 लाख से ज्यादा खातों में जमा करीब 11 हजार करोड़ रुपये लौटाए जाएंगे, जिसकी शुरुआत पहले चरण में 7 लाख लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर करके की जाएगी.

अपना पीएफ भूल गए तो फिक्र मत कीजिए, सरकार खुद ढूँढकर आपके बैंक खाते में भेजेगी सालों से अटका पैसा, जानें कैसे
EPFO Inactive Account Refund 2026 : नई दिल्ली : अगर आपका भी पीएफ का पैसा बरसों से किसी पुराने खाते में फंसा हुआ है और आप उसे निकालने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने के डर से चुप बैठे थे, तो आपके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए उन 31 लाख खातों को खंगालने की तैयारी कर ली है जो पिछले कई सालों से निष्क्रिय पड़े हुए थे. अब सरकार खुद आगे बढ़कर इन खातों में जमा करीब 11 हजार करोड़ रुपये असली हकदारों तक पहुँचाएगी.
बिना आवेदन सीधे खाते में आएगा पैसा
अक्सर देखा जाता है कि नौकरी बदलने के बाद लोग पुराने पीएफ खाते को भूल जाते हैं या फिर हजार-पांच सौ रुपये जैसी छोटी रकम के लिए लंबी कागजी कार्रवाई के झंझट में नहीं पड़ना चाहते. श्रम मंत्रालय ने अब इसी समस्या का तोड़ निकाल लिया है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि जिन खाताधारकों के अकाउंट आधार से लिंक हैं, उन्हें अब पैसे के लिए क्लेम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. विभाग खुद उनके बैंक खाते में यह रकम ट्रांसफर कर देगा.
पहले चरण में 7 लाख लोगों की लॉटरी
सरकार ने इस मिशन को चरणों में बांट दिया है. पहले दौर में उन 7 लाख लोगों को चुना गया है जिनके खातों में 1,000 रुपये तक की छोटी रकम जमा है. ये वो खाते हैं जिनमें आधार और बैंक की जानकारी पहले से अपडेट है. विभाग का मानना है कि छोटी रकम वाले इन 6-7 लाख खातों को पहले निपटाने से करोड़ों रुपये आम लोगों की जेब तक पहुँच सकेंगे. आंकड़ों की बात करें तो ईपीएफओ के पास कुल 31.86 लाख ऐसे खाते हैं जिनमें 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं. इनमें से कई खाते तो 20 साल पुराने हैं, जिन्हें अब बंद कर उनका हिसाब बराबर किया जाएगा.
मजदूरों के होनहार बच्चों के लिए मेधावी छात्रवृत्ति
पीएफ के पैसों के साथ-साथ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए भी खुशियों का पिटारा खोला है. अब इन मजदूरों के बच्चों को पढ़ाई के लिए सिर्फ सामान्य पैसा ही नहीं, बल्कि 25,000 रुपये तक की मेरिट स्कॉलरशिप भी दी जाएगी. सबसे अच्छी बात यह है कि अगर बच्चा किसी और सरकारी योजना से स्कॉलरशिप ले रहा है, तब भी वह इस योजना का लाभ उठा सकेगा. इस साल अब तक सरकार 1.6 लाख छात्रों को लगभग 78 करोड़ रुपये की मदद पहुँचा चुकी है.
इसका मकसद उन कर्मचारियों को बड़ी राहत देना है, जिनका पैसा सिस्टम की जटिलताओं की वजह से सालों से अटका हुआ था. अब बिना किसी भागदौड़ और दलालों के चक्कर काटे, कर्मचारियों का अपना हक उनके घर तक पहुँचेगा.
पहले किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता था
पहले पीएफ का अटका हुआ पैसा निकालना बहुत मुश्किल था. अगर कर्मचारी ने नौकरी बदल ली और पुराना खाता ट्रांसफर नहीं कराया, तो वह खाता इनऑपरेटिव यानी निष्क्रिय हो जाता था. इस मामूली रकम को पाने के लिए भी कर्मचारी को पुरानी कंपनी के चक्कर काटने पड़ते थे और फॉर्म पर नियोक्ता के हस्ताक्षर करवाने अनिवार्य थे. कई बार पुरानी कंपनियां बंद हो जाती थीं या मैनेजमेंट सहयोग नहीं करता था, जिसके कारण छोटी राशि के लिए भी लोग सालों तक दफ्तरों की धूल फांकते रहते थे.
इसके अलावा, सबसे बड़ी मुसीबत तकनीकी और कागजी प्रक्रिया की थी. पहले ऑनलाइन सिस्टम इतना मजबूत नहीं था, इसलिए हाथ से भरे गए फॉर्म में एक अक्षर की भी गलती होने पर क्लेम रिजेक्ट हो जाता था. 500 या 1000 रुपये जैसी छोटी रकम निकालने के लिए जितना समय और किराया खर्च होता था, उसे देखकर लोग अपना हक छोड़ देना ही बेहतर समझते थे. यही वजह है कि आज ईपीएफओ के पास हजारों करोड़ रुपये बिना किसी दावेदार के लावारिस पड़े हुए हैं, जिसे अब सरकार खुद आपके घर तक पहुँचाने की कोशिश कर रही है.
