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ED Raid : कागजी कंपनियों का महाघोटाला : ED ने देश भर में मारा छापा, 658 करोड़ के फर्जी बिल और 58 शेल कंपनियों के नेटवर्क का भंडाफोड़

ED Raid : ED ने देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर एक बहुत बड़े टैक्स घोटाले का भंडाफोड़ किया है, यह मामला करीब 658 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ा है

ED Raid : कागजी कंपनियों का महाघोटाला : ED ने देश भर में मारा छापा, 658 करोड़ के फर्जी बिल और 58 शेल कंपनियों के नेटवर्क का भंडाफोड़
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ED Raid : कागजी कंपनियों का महाघोटाला : ED ने देश भर में मारा छापा, 658 करोड़ के फर्जी बिल और 58 शेल कंपनियों के नेटवर्क का भंडाफोड़

By Uma Verma

658 Crore ITC Scam : नई दिल्ली : ED ने देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर एक बहुत बड़े टैक्स घोटाले का भंडाफोड़ किया है, यह मामला करीब 658 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़ा है, ईडी की टीम ने झारखंड, मणिपुर और कोलकाता समेत कई ठिकानो पर छापा मारा इस पूरी कार्रवाई में अब तक 58 ऐसी शेल कंपनियां सामने आई है, जो सिर्फ फाइलो मे मौजूद था

658 Crore ITC Scam : क्या है 658 करोड़ का यह पूरा खेल

आसान भाषा में समझे तो यह पूरा मामला फर्जी बिलो के जरिए सरकार से पैसे येठने का है, जांच में पता चला है की Ms सिद्धि विनायक ट्रेड मर्चेंट नाम की एक कंपनी और उसके साथियों ने मिलकर जाली कागजात तैयार किए इन्होंन दिखाया की इन्होंने करोड़ों का माल खरीदा और बेचा है, जबकि असलियत में न तो कोई सामान खरीदा गया और न ही कही भेजा गया इस कागजी खरीद बिक्री के जरिए इसने 658.55 करोड़ रुपये के फर्जी बिल तैयार किए इन बिलो का इस्तेमाल करके सरकार से 99.31 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर लिया गया, यानी जो टैक्स कभी भरा ही नही गया, उसे वापस पाने का दावा ठोक दिया गया

58 फर्जी कंपनियों का जाल

ईडी की ईटानगर टीम इस मामले की कमान संभाल रही है, जांच में यह देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए की इस घोटाले को अंजाम देने के लिए 58 शेल कंपनिया बनाई गई थी, ये कंपनिया अलग अलग राज्यो मे फैली हुई थी ताकि पुलिस और टैक्स विभाग की नजरो से बचा जा सके इन कंपनियो का मुख्य काम सिर्फ पैसा इधर से उधर घुमाना था, ईडी अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है की फर्जीवाड़े से कमाया गया यह पैसा मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए कहा खपाया गया जांच के दायरे में कई बड़े कारोबारी और दलाल भी शामिल है

शुरू हुई कानूनी कार्रवाई

इस बड़े घोटाले की शुरुआत अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर पुलिस स्टेशन मे दर्ज एक FIR से हुई, पुलिस की शुरुआती जांच मे राकेश शर्मा और आशुतोष कुमार झा नाम के व्यक्ति के साथ कुछ और लोगो के नाम सामने आए थे, इस पर आरोप है की इन लोगो ने जाली दस्तावेजो के दम पर सरकारी खजाने को चूना लगाने की साजिश रची, मामला कई राज्यों से जुड़ा होने के कारण इसमे ईडी की एंट्री हुई

इनपुट टैक्स क्रेडिट क्या होता है

आम आदमी के लिए इसे समझना जरूरी है जब कोई व्यापारी सामान खरीदता है, तो वह उस पर टैक्स देता है, जब वह वही सामान आगे बेचता है, तो वह ग्राहक से टैक्स वसूलता है नियम यह है की व्यापारी को वह टैक्स सरकार को जमा करना होता है, लेकिन उसने सामान खरीदते वक्त जो टैक्स पहले ही दे दिया है, उसे वह घटा सकता है, इसी बचे हुए हिस्से को इनपुट टैक्स क्रेडिट कहते है, ठगो ने इसी नियम का फायदा उठाकर बिना सामान खरीदे फर्जी रसीद लगा दी और करोड़ों रुपये का रिफंड क्लेम कर लिया, ईडी का कहना है की आने वाले दिनों मे कुछ और बड़ी गिरफ्तारिया और छापेमारी हो सकती है क्योंकि यह नेटवर्क बहुत बड़ा है

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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