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Delhi CM Rekha Gupta Security: दिल्ली का मुख्यमंत्री पद संभालते ही रेखा गुप्ता को मिली Z कैटेगरी सुरक्षा, जानिए कितने सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात

Delhi CM Rekha Gupta Security: शपथ ग्रहण के साथ ही रेखा गुप्ता को हाई लेवल की सुरक्षा मिल गई है. जवानों का दस्ता उनकी सुरक्षा के लिए तैनात होगा. मुख्यमंत्री को कौन सी श्रेणी की सुरक्षा मिलती है, इस सवाल का जवाब गृह मंत्रालय की येलो बुक में मिलता है.

Delhi CM Rekha Gupta Security: दिल्ली का मुख्यमंत्री पद संभालते ही रेखा गुप्ता को मिली Z कैटेगरी सुरक्षा, जानिए कितने सुरक्षाकर्मी रहेंगे तैनात
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By Ragib Asim

Delhi CM Rekha Gupta Security: शपथ ग्रहण के साथ ही रेखा गुप्ता को हाई लेवल की सुरक्षा मिल गई है. जवानों का दस्ता उनकी सुरक्षा के लिए तैनात होगा. मुख्यमंत्री को कौन सी श्रेणी की सुरक्षा मिलती है, इस सवाल का जवाब गृह मंत्रालय की येलो बुक में मिलता है.

गृह मंत्रालय की येलो बुक में देश की वीआईपी और वीवीआईपी पर्सनैलिटीज की सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र होता है. देश के खास व्यक्तियों को अलग-अलग तरह की सुरक्षा मिलती है. इसमें X, Y, Z, Z+ और SPG सिक्योरिटी शामिल हैं. सीएम को जेड श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी. निए, दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को मिलने वाली जेड कैटेगरी की सिक्योरिटी में कितने जवानों का दस्ता देगा सुरक्षा.

कैसी होगी दिल्ली CM रेखा गुप्ता की सिक्योरिटी?

गृहमंत्रालय की येलो बुक में वीआईपी और वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था का जिक्र किया गया है. नियम कहता है, दिल्ली की मुख्यमंत्री को Z सिक्योरिटी दी जाएगी. इससे पहले दिल्ल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को भी गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस द्वारा ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी. अपने 15 साल के कार्यकाल के दौरान पूर्व कांग्रेस सीएम शीला दीक्षित को भी ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिली थी. अब सवाल है कि इनकी सुरक्षा व्यवस्था में कितने जवानों की तैनाती होगी?

सीएम के सुरक्षा दस्ता में कितने जवान होंगे?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार शाम से ही रेखा गुप्ता को सीएम बनाने की घोषणा के साथ ही उनके शालीमार बाग स्थित निवास पर लोकल पुलिस की तैनाती कर दी गई थी. लेकिन जेड सिक्योरिटी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद ही मिलेगी. हालांकि, अगर गृह मंत्रालय को लगता है कि सिक्योरिटी में और इजाफा होना चाहिए तो मंत्रालय निर्देश दे सकता है.

जेड सिक्योरिटी की व्यवस्था कैसी होती है, अब इसे समझ लेते है. जेड सिक्योरिटी तीसरी सबसे बड़ी सिक्योरिटी होती है. पहली है एसपीजी और दूसरी है Z+. देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी एसपीजी यानी विशेष सुरक्षा दल के पास होती है. पुलिस के डीजी रैंक के आफिसर के पास इसकी कमान होती है. एसपीजी का हेडक्वार्टर दिल्ली में है. वहीं, जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा में 55 जवान शामिल होते हैं. इसमें एनएसजी यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड होते हैं. ये पलभर में दुश्मन को मार गिराने में माहिर होते हैं. वर्तमान में गृहमंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को यह सुरक्षा मिली हुई है. दिल्ली सीएम को मिलने वाली जेड सिक्योरिटी में 22 जवानों का सुरक्षा कवच साथ चलता है. इसमें कमांडो के साथ पुलिस के जवान, हथियारों से लैस 8 जवान, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एस्कॉर्ट्स और वॉचर्स होते हैं.

क्या करना होता है सुरक्षा का भुगतान?

अब सवाल यह भी उठता है कि क्या सुरक्षा पाने वाले शख्स को इसका भुगतान करना पड़ता है. अगर यह सुरक्षा किसी बिजनेसमैन समेत प्राइवेट सेक्टर से जुड़े शख्स को मिलती है तो उसे सुरक्षा के लिए भुगतान करना पड़ता है. योगगुरु बाबा रामदेव और एक्टर आमिर खान को जेड सिक्योरिटी मिल चुकी है. वहीं, सरकार से जुड़े वीआईपी और वीवीआईपी को इसका भुगतान नहीं करना पड़ता.

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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