दिल्ली AI समिट में चोरी: PM मोदी के आने से पहले हाई-सिक्योरिटी जोन से AI डिवाइस गायब
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ देश के हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में से एक है, जिसमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचई, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स और ओपन एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। जहाँ नियोसेपियन कंपनी के स्टॉल से कीमती एआई डिवाइस गायब हो गया।

राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में ‘नियोसेपियन’ (NeoSapien) कंपनी के स्टॉल से कीमती एआई डिवाइस गायब हो गया। एक तरफ जहां दुनिया भर के टेक दिग्गज एआई के भविष्य पर मंथन कर रहे हैं, वहीं एक शर्मनाक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से ठीक पहले हुआ.
मालूम हो की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ देश के सबसे हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में से एक है, जिसमें गूगल के सीईओ सुंदर पिचई, माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स और ओपन एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। लेकिन इस गौरवशाली पल के बीच, बेंगलुरु के उद्यमी धनंजय यादव के लिए समिट का पहला दिन किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ। धनंजय की कंपनी ‘नियोसेपियन’ एआई वियरेबल डिवाइसेज बनाती है, जो बातचीत को ट्रैक करने और भावनाओं के विश्लेषण में सक्षम हैं।
कब हुई घटना
16 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन होना था। इससे पहले दोपहर 12 बजे सुरक्षाकर्मी पूरे एक्सपो एरिया की गहन जांच कर रहे थे। धनंजय यादव ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी दी थी कि उनकी कंपनी ने भारत में पहली बार पेटेंटेड एआई वियरेबल बनाए हैं और वे उन्हें प्रदर्शित करने के लिए उत्साहित थे।
हालांकि, सुरक्षाकर्मियों के बीच समन्वय की कमी दिखी और यादव को तुरंत वहां से जाने को कहा गया। जब उन्होंने अपने डिवाइस साथ ले जाने की बात कही, तो उन्हें कथित तौर पर आश्वासन दिया गया कि सुरक्षाकर्मी वहां मौजूद रहेंगे और सामान पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
6 घंटे बाद मिले खाली पैकेट
सुरक्षाकर्मियों के आश्वासन पर भरोसा कर धनंजय यादव अपना सामान वहीं छोड़कर चले गए। करीब 6 घंटे तक समिट एरिया के गेट बंद रहे, जहां केवल सुरक्षाकर्मियों को जाने की अनुमति थी। लेकिन जब यादव वापस अपने बूथ पर पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए।
उनके कीमती एआई वियरेबल्स गायब थे और वहां केवल खाली पैकेट पड़े थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर खाली पैकेटों की तस्वीर शेयर करते हुए अपना दुख जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उस एरिया में केवल सुरक्षाकर्मी ही मौजूद थे, तो यह चोरी कैसे संभव हुई?
धनंजय यादव बोले- निराश हूं, ‘हैरान और शर्मसार’ करने वाली घटना
धनंजय यादव ने अपनी पोस्ट में समिट के प्रति उत्साह और फिर मिली इस निराशा का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि इस इकोसिस्टम और सरकार के प्रयासों का समर्थन करने के लिए उन्होंने फ्लाइट टिकट, होटल और माल ढुलाई पर भारी खर्च किया था, लेकिन हाई-सिक्योरिटी जोन से सामान का गायब होना बेहद परेशान करने वाला है।
उन्होंने इस पूरी घटना को ‘हैरान और शर्मसार’ करने वाला बताया है। अभी तक इस मामले में आधिकारिक तौर पर पुलिस या आयोजकों की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर दाग लगा दिया है।
क्या है NeoSapien का वियरेबल एक एडवांस्ड AI डिवाइस
गौरतलब है की NeoSapien का वियरेबल एक एडवांस्ड AI डिवाइस है, जो बातचीत को ट्रैक और इमोशंस को एनालाइज़ कर सकता है। कंपनी इसे पहली बार इंडिया AI समिट में दिखाने आई थी।
घटना थी या योजना?
यह घटना यह सवाल उठाती है कि हाई-सिक्योरिटी इवेंट्स में AI प्रोडक्ट्स की सुरक्षा पर भरोसा करना कितना सुरक्षित है। क्या चोरी का कोई नेटवर्क था या यह बस सुरक्षा में तालमेल की कमी का नतीजा था? NeoSapien के CEO का कहना है कि यह घटना उनके लिए बेहद निराशाजनक और चौंकाने वाली है।
