Dehradun Crime Alert: शहर के बीचोंबीच दिनदहाड़े मर्डर! जिम से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर की मौत, वारदात कैमरे में कैद!
देहरादून में दिनदहाड़े तिब्बती मार्केट के पास अज्ञात हमलावरों ने अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मार कर हत्या कर दी, जिन्हें गंभीर हालत में दून अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

राजधानी देहरादून फिर एक हत्याकांड से दहल गया है। देहरादून में प्रॉपर्टी के विवाद के चलते दिनदहाड़े एक व्यक्ति की शहर के बीचोंबीच स्कूटी सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. चौंकाने वाली बात यह है की दस दिन के भीतर हत्या की यह दूसरी वारदात है.
तिब्बती मार्केट के पास अज्ञात हमलावरों ने जीएमएस रोड स्थित अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मार कर हत्या कर दी, जिन्हें गंभीर हालत में दून अस्पताल ले जाया गया। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस जहां हमलावरों को दबोचने के लिए पूरे शहर के निकासी मार्गों पर नाकेबंदी कर सघन चेकिंग कर रही है। वहीं, मृतक की पत्नी ने अपनी सास समेत चार लोगों पर हत्या कराने का संदेह जताया है।
कब हुई वारदात
वारदात बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। गैस एजेंसी संचालक अर्जुन परेड मैदान से रोजाना की तरह टेनिस खेलकर लौट रहे थे। तिब्बती मार्केट के पास से पाइन एप्पल लेकर जैसे ही वह अपनी कार की ओर जाने लगे, एक बिना नंबर प्लेट की स्कूटी में सवार दो युवक उनके करीब आए। उसके बाद उन्होंने उनके सीने में बायीं ओर ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान इंदिरा नगर वसंत विहार निवासी अर्जुन शर्मा के रूप में हुई। घटनास्थल व आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच में दो स्कूटी सवार युवकों की ओर से हत्या को अंजाम देने की बात सामने आई है। बताया, पूरे जिले में बैरियर लगाकर सघन चेकिंग व सर्विलांस के माध्यम से आरोपियों की तलाश जारी है।
मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने कोतवाली डालनवाला में तहरीर देकर अपनी सास बीना शर्मा, प्रॉपर्टी कारोबारी विनोद उनियाल, उसकी पत्नी संगीता उनियाल और एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक डॉ। अजय खन्ना पर हत्या कराने का संदेह जताया है। उनकी तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रॉपर्टी विवाद हत्या का कारण हो सकता है
अर्जुन के पिता कर्नल रमेश चंद्र शर्मा करीब 38 वर्ष सेवा के दौरान बलिदान हुए थे। इसके बाद केंद्र सरकार से उनकी पत्नी बीना शर्मा को गैस एजेंसी आवंटित हुई थी, जो पिछले वर्षों से उनकी पैतृक संपत्ति पर संचालित हो रही है। बताया जा रहा है कि इसी गैस एजेंसी की संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। जिस कारण मां और बेटे में दूरियां बढ़ गईं। दोनों कोर्ट-कचहरी से लेकर पुलिस थाने में भी एक-दूसरे के खिलाफ हो गए थे। इसके अलावा प्रॉपर्टी कारोबारी विनोद उनियाल व उनकी पत्नी संगीता उनियाल की मृतक की मां से घनिष्ठता और करोड़ों के लेनदेन के कारण भी मनमुटाव पैदा हुए। दूसरी ओर ये भी बताया जा रहा है कि गैस एजेंसी को खरीदने का प्रयास कर रहे एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के संचालक भी संदेह के घेरे में हैं।
घटना को लेकर दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल बैठक
दून वैली महानगर उद्योग व्यापार मंडल बैठक हुई। जिसमें राजधानी दून के बिगड़ते हालात पर चर्चा हुई। राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के मेंबर व दून वेली महानगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज मेसोंन ने कहा कि बुधवार को गैस एजेंसी के स्वामी की दिनदहाड़े गोली मार कर हत्या कर दी गई। ये सोचनीय विषय है कि दिनदहाड़े ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। जबकि, दून जैसे शांतप्रिय शहर में ऐसे वारदातें सुनने को नहीं मिलती। एक माह में चार गोलीकांड का मतलब, देहरादून में खतरा बढ़ गया है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि ऐसे प्रकरणों पर कठोर से कठोर सजा दी जाए। महामंत्री पंकज डिढ़ान ने कहा कि पलटन बाज़ार में भी अभी तीन दुकानों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शहर के भीड़वाले तिब्बती मार्केट के पास दिनदहाड़े हुई युवक की हत्या को लेकर कांग्रेस ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
सीएम बोले रिजल्ट चाहिए
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। दो टूक कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी प्रकार के क्राइम पर तत्काल केस दर्ज किए जाएं। इसके साथ ही अपराधियों के खिलाफ कठोर व प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो। कहा, विशेष रूप से आदतन व संगठित क्राइम में शामिल क्रिमिनल पर सख्त निगरानी रहे। ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई हो। जिससे समाज में कानून का भय स्थापित हो और आम लोग खुद को सेफ महसूस कर सकें।
बाजार कराया बंद
आम दिनों के जैसे ही सुबह तिब्बती मार्केट की दुकानें खुलीं। लैंसडौन चौक से लेकर कॉन्वेंट तिराहे तक ट्रैफिक भी सामान्य चल रहा था। बाजार में लोग घूम रहे थे। दूसरी ओर परेड मैदान में भी माहौल आम दिनों की तरह ही था। बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल में कुछ लोग बैडमिंटन खेल रहे थे, तो बगल में ही टेनिस कोर्ट में अर्जुन भी रोजाना की तरह अपना गेम खेलकर लौटने लगे। तिब्बती मार्केट के पास खड़ी एक ठेली से उन्होंने पाइन एप्पल चाट खरीदी, फिर अपने वाहन की ओर जाने लगे। इसी दौरान बदमाशों ने उनके सीने पर गोली दाग दी। फिर क्या, वहां हर तरफ अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद घटना स्थल पर बैरिकेड लगाए गए, तिब्बती मार्केट को बंद करा दिया गया। इस बीच घंटों मौके पर भीड़ जमी रही। दोपहर बाद पुलिस ने पूरा क्षेत्र खाली कराया।
घात लगाये बदमाशों ने उसे निशाना बनाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विक्रम शर्मा जिम करने के बाद सिल्वर सिटी मॉल की सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था. उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे निशाना बनाया. बताया जा रहा है कि तीन हमलावरों में से एक बाहर बाइक पर निगरानी कर रहा था. दो हमलावर मॉल के अंदर घुसे हुए थे. जैसे ही विक्रम सीढ़ियों से नीचे आया, हमलावर उसके करीब पहुंचे और उस पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दीं. हमले की रफ्तार इतनी तेज थी कि विक्रम अपने पास मौजूद लाइसेंसी पिस्टल तक नहीं निकाल सका.
फायरिंग के बाद मौके से फरार बदमाश
घटना के समय मॉल के अधिकतर शोरूम बंद थे, लेकिन सफाई का काम चल रहा था. गोलियों की आवाज सुनते ही वहां मौजूद कुछ महिलाएं और कर्मचारी घबराकर घटनास्थल की ओर दौड़े. तबतक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे. फर्श पर खून बिखरा पड़ा था. जिम में मौजूद लोग व ट्रेनर सीढ़ियों की ओर पहुंचे. आनन-फानन में विक्रम को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दी.
अपराधियों की तलाश तेज, जांट टीमें गठित
सूचना मिलते ही पुलिस भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची. पूरे क्षेत्र को घेर लिया. घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए. मॉल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस ने आसपास के इलाकों में नाकेबंदी भी की है. फरार आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं. साथ ही झारखंड पुलिस से भी संपर्क साधा गया है. जिससे विक्रम के आपराधिक नेटवर्क और संभावित दुश्मनों की जानकारी जुटाई जा सके.
सवालों के घेरे में पुलिस
बताया जा रहा है कि जून 2025 से विक्रम शर्मा सिल्वर सिटी मॉल के जिम में नियमित रूप से आ रहा था. वो पास के एक फ्लैट में रह रहा था. सवाल ये भी उठ रहा है कि इतने बड़े हिस्ट्रीशीटर की गतिविधियों की जानकारी क्या स्थानीय पुलिस को नहीं थी? यदि थी, तो उसकी सुरक्षा या निगरानी के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? यह घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है.
जानिये कौन था विक्रम शर्मा
विक्रम शर्मा मूल रूप से झारखंड का रहने वाला था. उत्तराखंड के काशीपुर में उसका स्टोन क्रशर का कारोबार था. इसके अलावा भी वह कई अन्य व्यवसायों से जुड़ा हुआ था. चौंकाने वाली बात यह है कि विक्रम पर झारखंड में हत्या, वसूली और अन्य गंभीर धाराओं में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं. ऐसी जानकारी मिल रही है कि उसके कई बड़े गैंगस्टर से भी संबंध रहे हैं. ऐसे में इस वारदात को आपसी रंजिश या गैंगवार के एंगल से भी देखा जा रहा है.
