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उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन पंजीकरण में बदलाव, अब चार धाम यात्रा नहीं होगी मुफ्त, देनी पड़ सकती है इतनी फीस

यह फ़ैसला फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने और यात्रियों की वास्तविक संख्या ट्रैक करने के लिए लिया गया है.

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026: ऑनलाइन पंजीकरण में बदलाव, अब चार धाम यात्रा नहीं होगी मुफ्त, देनी पड़ सकती है इतनी फीस
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By Meenu Tiwari

Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड के चार धाम यात्रा को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। मालुम हो की उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर शुल्क लगाने जा रही है. यह फ़ैसला फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने और यात्रियों की वास्तविक संख्या ट्रैक करने के लिए लिया गया है. पंजीकरण प्रक्रिया इसी सप्ताह शुरू होगी, हालांकि यात्रियों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाएगा.

अब तक नि:शुल्क रहने वाली ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया के लिए यात्रियों को अब चार्ज देना होगा. यह निर्णय यात्रा को सुव्यवस्थित करने और फर्जी रजिस्ट्रेशन की समस्या पर लगाम लगाने के उद्देश्य से लिया जा रहा है.

इस कारण लिया गया फ़ैसला

सोमवार को ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन और अन्य हितधारकों के साथ हुई बैठक में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस योजना का खुलासा किया. दरअसल, होटल संचालकों ने शिकायत की थी कि बड़ी संख्या में लोग ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन तो करा लेते हैं, लेकिन यात्रा पर नहीं आते.

इस फर्जी रजिस्ट्रेशन की वजह से वास्तविक यात्रियों को स्लॉट नहीं मिल पाता और होटलों में बुकिंग होने के बावजूद वे पंजीकरण के अभाव में यात्रा शुरू नहीं कर पाते. इसी समस्या को खत्म करने के लिए न्यूनतम शुल्क लगाने का सुझाव दिया गया है.

कितना होगा शुल्क और कौन करेगा तय?

आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि फर्जीवाड़े को रोकने के लिए न्यूनतम 10 रुपये का सांकेतिक शुल्क लेने का प्रस्ताव है. शुल्क का अंतिम निर्धारण करने के लिए गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है. यह समिति एक-दो दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद सरकार की मंजूरी लेकर अंतिम फीस तय कर दी जाएगी.


28 अप्रैल से शुरू होंगे ऑफलाइन पंजीकरण

चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण 28 अप्रैल से शुरू कराए जाएंगे। विभागों की ओर से कहा गया कि ऑफलाइन पंजीकरण में समय लगता है। आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल में ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आता है, कई बार आधार कार्ड मोबाइल नंबर से नहीं जुड़ा होता है। तय किया गया कि अगर किसी एक परिवार के सदस्य यात्रा पर आते हैं तो परिवार मुखिया के आधार कार्ड पर सबका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। बाकी लोग आधार कार्ड या और कोई अन्य पहचान पत्र दे सकते हैं।

अगर ग्रुप में लोग आते हैं तो दो-तीन लोगों के आधार कार्ड लिए जाएंगे, बाकी पहचान संबंधी दूसरे दस्तावेज दे सकते हैं।


गौरतलब है कि उत्तराखंड की चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ) हिंदू धर्म में मोक्ष के लिए सबसे पवित्र तीर्थयात्रा मानी जाती है। यह यात्रा मई से जून के बीच शुरू होकर अक्टूबर/नवंबर तक चलती है। यात्रा का क्रम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और फिर बद्रीनाथ है।


• धाम: यमुनोत्री (देवी यमुना), गंगोत्री (गंगा जी), केदारनाथ (भगवान शिव) और बद्रीनाथ (भगवान विष्णु)।

• रजिस्ट्रेशन: यात्रा के लिए official registration अनिवार्य है, जिसे वेबसाइट या ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।

• मार्ग: यात्रा आमतौर पर ऋषिकेश/हरिद्वार से शुरू होकर: हरिद्वार -> बड़कोट -> यमुनोत्री -> उत्तरकाशी -> गंगोत्री -> गुप्तकाशी -> केदारनाथ -> रुद्रप्रयाग -> बद्रीनाथ के मार्ग से पूरी होती है।

• कैसे पहुंचे: निकटतम हवाई अड्डा देहरादून (जॉलीग्रांट) और रेलवे स्टेशन ऋषिकेश/हरिद्वार हैं।

Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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