चंडीगढ़ में हेड कांस्टेबल के बेटे का थार कहर : रेड लाइट पर दो मौलवियों को बेरहमी से कुचला, दोनों भाइयों की मौके पर मौत
Chandigarh Thar Accident : चंडीगढ़ के कलाग्राम लाइट पॉइंट पर एक हेड कांस्टेबल के बेटे ने तेज रफ्तार थार से बाइक सवार दो मौलवियों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौत हो गई. हादसे के वक्त पीड़ित सिग्नल पर रुके थे, तभी पीछे से आ रहे आरोपी अरमान ने उन्हें रौंद दिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो पुलिस मुख्यालय में तैनात कर्मचारी का बेटा बताया जा रहा है.

चंडीगढ़ में हेड कांस्टेबल के बेटे का थार कहर : रेड लाइट पर दो मौलवियों को बेरहमी से कुचला, दोनों भाइयों की मौके पर मौत
Chandigarh Thar Accident Case : चंडीगढ़ : पंजाब-हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ की सड़कों पर रफ्तार का एक और खौफनाक मंजर देखने को मिला. मंगलवार रात कलाग्राम लाइट प्वाइंट पर एक तेज रफ्तार महिंद्रा थार ने बाइक सवार दो सगे भाइयों को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों की जान चली गई. वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय के ही एक हेड कांस्टेबल का 18 वर्षीय बेटा अरमान है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो किया, लेकिन बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया.
मदरसे के काम से आए थे शहर, सिग्नल पर रुकी थी बाइक
मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी गुलशेर अली 46 वर्ष और अब्दुल सुब्हान 44 वर्ष के रूप में हुई है. दोनों भाई सहारनपुर के एक मदरसे में शिक्षक थे और 21 फरवरी को किसी जरूरी काम से चंडीगढ़ आए थे. मंगलवार रात करीब 11 बजे जब वे मनीमाजरा से अपने एक रिश्तेदार के घर जा रहे थे, तभी कलाग्राम चौक पर लाल बत्ती हो गई. सिग्नल पर महज 4-5 सेकंड का समय बचा था, इसलिए गुलशेर ने अपनी बाइक धीमी कर दी. इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार थार ने उनकी बाइक को जबरदस्त टक्कर मार दी.
सिग्नल की टाइमिंग देखने में गंवा दी दो जानें
पुलिस की प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है. आरोपी अरमान थार चलाते समय सड़क के बजाय सिग्नल पर चल रहे समय को देख रहा था. वह यह देख रहा था कि हरी बत्ती होने में कितना समय बचा है, और इसी जल्दबाजी में उसका ध्यान सड़क पर खड़ी बाइक से हट गया. टक्कर इतनी भीषण थी कि गुलशेर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अब्दुल सुब्हान ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. टक्कर मारने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन थार के टायर फटने और एक राहगीर द्वारा नंबर नोट किए जाने की वजह से पुलिस उसे दड़वा के पास से पकड़ने में कामयाब रही.
पीछे छूट गए 9 मासूम बच्चे
इस हादसे ने सहारनपुर के दो परिवारों को तबाह कर दिया है. मृतक गुलशेर अपने पीछे पत्नी और 5 बच्चों को छोड़ गए हैं, वहीं छोटे भाई अब्दुल के परिवार में पत्नी और 4 बच्चे हैं. दोनों भाइयों के शव बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए.
गोवा से भी आया था थार तांडव की खबर
गोवा की सड़कें एक बार फिर खून से लाल हो गईं थी. मापुसा से अंजुना की ओर जा रही एक तेज रफ्तार किराए की थार ने सामने से आ रही आई-20 कार को इतनी भीषण टक्कर मारी कि उसमें सवार भोपाल के 65 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई थी. चश्मदीदों के मुताबिक, थार की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि टक्कर लगते ही दूसरी कार के परखच्चे उड़ गए. हैरानी की बात यह है कि आरोपी चालक शौर्य गोयल महज 19 साल का था, जो अपने रसूख के दम पर उम्र छिपाने और घटना के वक्त वहां मौजूद न होने का ड्रामा करता रहा. थार में उस वक्त चार लड़कियां भी सवार थीं.
पुलिस ने आरोपी शौर्य गोयल को गिरफ्तार कर लिया और लापरवाही से गाड़ी चलाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी. हालांकि, कानूनी दांव-पेंच और जमानती धाराएं होने की वजह से आरोपी को कोर्ट से बेल मिल गई है, जिससे पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों में काफी रोष था. जांच में यह भी सामने आया है कि टूरिस्ट अक्सर गोवा में भारी गाड़ियां किराए पर लेकर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ता है.
