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CG Liquor Scam: शराब घोटाला: छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री को मिली सशर्त अंतरिम जमानत, जेल से रिहा होते ही छोड़ना होगा छत्तीसगढ़

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाले में बीते 378 दिनों से जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है।

CG Liquor Scam: शराब घोटाला: छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री को मिली सशर्त अंतरिम जमानत, जेल से रिहा होते ही छोड़ना होगा छत्तीसगढ़
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इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Radhakishan Sharma

3 February 2026| दिल्ली। छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाले में बीते 378 दिनों से जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत दे दी है। बता दें कि घोटाले में संलिप्तता के आरोप में लखमा को ED ने अरेस्ट किया था। सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए कहा कि जेल से रिहाई के बाद लखमा को छत्तीसगढ़ छोड़ना होगा। छत्तीसगढ़ के बाहर रहने की शर्त पर अंतरिम जमानत पर रिहाई का आदेश जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को अंतरिम जमानत देने से पहले जरुरी शर्त पर रखी है। जेल से रिहाई के बाद उनको छत्तीसगढ़ छोड़ना होगा। छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा। अगर पासपोर्ट हो तो उसे सरेंडर करना होगा। जांच एजेंसी या फिर कोर्ट की सुनवाई के दौरान उनको अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। संबंधित पुलिस थाने में अपना मोबाइल नंबर जो उनके पास है और जिसे उपयोग करते हैं,देना होगा। याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता परगनिहा ने कवासी लखमा की ओर से पक्ष रखा। कवासी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में तकरीबन ढाई घंटे सुनवाई चली।

बता दें कि ED प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को शराब घोटाले में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। ED ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की थी। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया था। 2 महीने पहले कांग्रेस ने जेल में बंद कवासी लखमा के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था।

सिंडिकेट के अहम हिस्सा होने का है लखमा पर आरोप

ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और कोंटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक कवासी लखमा शराब घोटाले में सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। उनके निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। आबकारी मंत्री की हैसियत से छत्तीसगढ़ में शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके इशारे पर छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि तत्कालीन आबकारी मंत्री लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। नेता, कारोबारी और अधिकारियों ने जमकर अवैध कमाई की।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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