Census 2027: बिना शादी साथ रहने वाले कपल्स के लिए बड़ी खुशखबरी, अब माने जाएंगे 'शादीशुदा', सरकार ने जारी किए ये नए नियम
Census 2027: भारत की जनगणना 2027 (Census 2027) में एक बड़ा अपडेट आया है। 'स्टेबल रिलेशनशिप' में रहने वाले लिव-इन कपल्स को अब मैरिड (शादीशुदा) कैटेगरी में दर्ज किया जाएगा।

नई दिल्ली 30 मार्च 2026। भारत की आगामी जनगणना 2027 (Census 2027) में लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। नए नियमों के मुताबिक अगर कोई कपल बिना शादी के एक ही घर में 'स्टेबल रिलेशनशिप' (Stable Relationship) में रह रहा है तो उन्हें आधिकारिक तौर पर शादीशुदा (Married) कपल के रूप में ही दर्ज किया जाएगा।
जनगणना विभाग के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल पर जारी किए गए FAQ (फ्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चंस) में इस बात को स्पष्ट कर दिया गया है।
सेल्फ-डिक्लेरेशन ही होगा मुख्य आधार
अधिकारियों ने कहा है कि वैवाहिक स्टेटस का यह फैसला पूरी तरह से कपल के सेल्फ-डिक्लेरेशन पर आधारित होगा। चाहे आप ऑनलाइन पोर्टल पर खुद अपना डेटा भर रहे हों या फिर कोई एन्यूमरेटर (गणना करने वाला कर्मचारी) घर आकर जानकारी ले रहा हो दोनों ही हालतों में कपल के बयान को ही अंतिम माना जाएगा। यानी अगर लिव-इन कपल लंबे समय से साथ है और अपने रिश्ते को स्थिर मानता है, तो वे बेझिझक मैरिटल स्टेटस के तहत अपना फॉर्म भर सकते हैं।
बदलते समाज के साथ डिजिटल हो रही है जनगणना
समाज के बदलते स्ट्रक्चर को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि जनगणना के सटीक आंकड़ों में ऐसे रिश्तों को भी आधिकारिक मान्यता मिल सके। बता दें कि 2027 की जनगणना डिजिटल तरीके से भी उपलब्ध होगी। सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के जरिए आम लोग घर बैठे अपना और अपने परिवार का डेटा ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
पहले भी होती थी यही प्रैक्टिस, अब दिए गए क्लियर निर्देश
यूं तो लिव-इन रिलेशनशिप के टॉपिक पर पहली बार सार्वजनिक तौर पर इतने क्लियर निर्देश जारी किए गए हैं लेकिन अधिकारियों के मुताबिक यह कोई नई प्रैक्टिस नहीं है। पिछली जनगणनाओं में भी अगर कोई लिव-इन कपल खुद को 'शादीशुदा' बताता था तो उनके बयान का सम्मान करते हुए उन्हें उसी कैटेगरी में रिकॉर्ड किया जाता था।
45 दिनों तक चलेगा हाउसलिस्टिंग फेज
जनगणना के हाउसलिस्टिंग ऑपरेशन फेज में कुल 33 सवाल पूछे जाते हैं। करीब 45 दिनों तक चलने वाली इस लंबी प्रक्रिया के तहत एक घर में रहने वाले शादीशुदा कपल्स की संख्या के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़ा पूरा डेटा कलेक्ट किया जाता है।
