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CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 : 10वीं को दोबारा मौका और 12वीं की कॉपियों पर चलेगा कंप्यूटर, जानें क्या हैं नए नियम?

CBSE Board Exams 2026 : सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो गई हैं, जिसमें इस साल 46 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 10वीं के छात्रों को अंक सुधारने के लिए अब साल में दो बार परीक्षा का विकल्प मिलेगा. वहीं, मूल्यांकन को सटीक बनाने के लिए 12वीं की कॉपियों की जांच पहली बार डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए की जा रही है.

CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 : 10वीं को दोबारा मौका और 12वीं की कॉपियों पर चलेगा कंप्यूटर, जानें क्या हैं नए नियम?
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CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 : 10वीं को दोबारा मौका और 12वीं की कॉपियों पर चलेगा कंप्यूटर, जानें क्या हैं नए नियम?

By Uma Verma

CBSE Board Exams 2026 : नई दिल्ली : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से देशभर में शुरू हो चुकी हैं. इस साल इन परीक्षाओं में करीब 46 लाख छात्र शामिल हो रहे हैं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बोर्ड ने इस बार परीक्षा प्रणाली में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिनका उद्देश्य छात्रों पर से पढ़ाई का बोझ कम करना और कॉपियों की जांच को अधिक सटीक बनाना है.

10वीं के छात्रों को मिलेगा परीक्षा सुधार का दूसरा अवसर

इस साल 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि उन्हें अपने अंकों में सुधार करने के लिए अब पूरा साल बर्बाद नहीं करना होगा. बोर्ड ने निर्णय लिया है कि 10वीं की परीक्षा दो बार आयोजित की जाएगी. इसका मतलब है कि अगर कोई छात्र अपनी पहली मुख्य परीक्षा के नतीजों से खुश नहीं है, तो वह दूसरी परीक्षा देकर अपना नम्बर बेहतर कर सकता है. हालांकि, इसके लिए पहली परीक्षा में बैठना अनिवार्य है. जो छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित रहेंगे, उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा और उन्हें अगले साल ही परीक्षा देनी होगी.

12वीं की कॉपियां अब कंप्यूटर पर जांची जाएंगी

12वीं कक्षा के छात्रों के लिए इस बार डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया गया है. इसका मतलब है कि अब शिक्षकों के हाथ में पारंपरिक लाल पेन की जगह कंप्यूटर का माउस होगा. लगभग 18.5 लाख छात्रों की एक करोड़ से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं को पहले स्कैन करके डिजिटल सर्वर पर अपलोड किया जाएगा. इसके बाद शिक्षक कंप्यूटर स्क्रीन पर ही कॉपियां चेक करेंगे. बोर्ड का मानना है कि इससे दो बड़ी गलतियां रुकेंगी पहली, अंकों को जोड़ने में होने वाली गड़बड़ी और दूसरी, किसी प्रश्न का मूल्यांकन छूट जाना.

दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन और पात्रता के नियम

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, 10वीं की मुख्य परीक्षा 10 मार्च को समाप्त होगी. इसके तुरंत बाद 11 और 12 मार्च को उन छात्रों के लिए पोर्टल खोला जाएगा जो दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं. छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा जैसे किन्हीं तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए छात्रों को निर्धारित शुल्क भी देना होगा. वहीं, जिन छात्रों का परिणाम कंपार्टमेंट श्रेणी में आएगा, उन्हें भी इस दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी.

शिक्षकों की ट्रेनिंग और भविष्य की चुनौतियां

इन नए बदलावों को लेकर शिक्षा जगत में मिली-जुली प्रतिक्रिया है. बोर्ड का कहना है कि शिक्षकों को डिजिटल मूल्यांकन के लिए विशेष ट्रेनिंग और असीमित अभ्यास की सुविधा दी जा रही है. वहीं, कुछ शिक्षक संगठनों का मानना है कि डिजिटल चेकिंग से तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं, इसलिए इसे और अधिक तैयारी के साथ लागू किया जाना चाहिए था. फिलहाल, 10वीं की कॉपियों की जांच पुराने तरीके से ही होगी, जबकि 12वीं के लिए पूरी प्रक्रिया हाई-टेक कर दी गई है.

पिछले साल की परीक्षा प्रणाली

अगर हम पिछले साल 2025 की बोर्ड परीक्षाओं की बात करें, तो उस समय सीबीएसई की व्यवस्था काफी अलग और पारंपरिक थी. पिछले साल तक 10वीं और 12वीं के छात्रों के पास साल में केवल एक ही मुख्य परीक्षा देने का विकल्प होता था. 10वीं के छात्रों के लिए दो बार परीक्षा जैसी कोई सुविधा नहीं थी यदि कोई छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट होता था, तो उसे सुधार के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता था या केवल कंपार्टमेंट परीक्षा का ही सहारा होता था. उस समय मुख्य ध्यान एक ही बार में बेहतर प्रदर्शन करने पर था, जिससे छात्रों पर मानसिक दबाव काफी अधिक रहता था.

मूल्यांकन के मामले में भी पिछला साल पूरी तरह से कागज़ और पेन पर आधारित था. 12वीं कक्षा की कॉपियों की जांच के लिए शिक्षकों को मूल्यांकन केंद्रों पर जाकर उत्तर पुस्तिकाओं को चेक करना पड़ता था इसमें अंकों की गिनती में चूक की संभावना बनी रहती थी और कभी-कभी कुछ प्रश्नों के उत्तर छूट जाने की शिकायतें भी आती थीं. पिछले साल की तुलना में इस साल की डिजिटल चेकिंग और 10वीं के लिए दोबारा परीक्षा का विकल्प, शिक्षा प्रणाली को और अधिक अनुकूल बनाने की दिशा में अच्छा बदलाव है.

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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