Suella Braverman News: ब्रिटेन की गृह मंत्री बर्खास्त, भारतीय मूल की सुएला ब्रेवरमैन को ऋषि सुनक ने इसलिए हटाया
Suella Braverman: ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को बर्खास्त कर दिया है। विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली उनकी भूमिका संभाल ली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुएला की बर्खास्ती के पीछे की वजह उनका दिया हुआ विवादित बयान माना जा रहा है।

Suella Braverman: ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को बर्खास्त कर दिया है। विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली उनकी भूमिका संभाल ली है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुएला की बर्खास्ती के पीछे की वजह उनका दिया हुआ विवादित बयान माना जा रहा है। उन्होंने एक एक साक्षात्कार में कहा था कि इजरायल और हमास युद्ध को लेकर लंदन की सड़कों पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से पुलिस को सख्ती से निपटना चाहिए। इस बयान के बाद सुएला की जमकर आलोचना हुई थी।
British PM Rishi Sunak sacks interior minister Suella Braverman following comments she made last week about the police's handling of a pro-Palestinian march, reports Reuters.
— ANI (@ANI) November 13, 2023
(Photo source: X account of Suella Braverman) pic.twitter.com/6L3tzcVF7q
पिछले हफ्ते शनिवार को लंदन में फिलिस्तीन के समर्थन में एक मार्च आयोजित किया था जिसमें पुलिस ने जिस तरह से प्रदर्शनों को रोका, उसे लेकर सुएला ने काफी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि लंदन पुलिस के फिलिस्तीन समर्थक विरोध-प्रदर्शन को दबाने के तरीके सही नहीं थे। वे प्रदर्शनकारियों के प्रति बहुत उदार रवैया अपना रही थी। साथ ही, इसको लेकर उन्होंने ऋषि सुनक को भी टारगेट किया था।
गृह मंत्री के रुख की तनाव बढ़ाने और दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों को लंदन की सड़कों पर उतरने के लिए प्रोत्साहित करने के रूप में आलोचना की गई है। सुनक ने कहा कि फ़िलिस्तीन के साथ एकजुटता दिखाने के लिए ब्रिटेन में रैली आयोजित करना भड़काऊ और अपमानजनक था। यह प्रदर्शन 1 नवंबर को युद्धविराम दिवस पर हुआ, जो दो विश्व युद्धों में मारे गए सैनिकों की याद में मनाया जाता है।
यह दूसरी बार है जब ब्रेवरमैन ने बीच में ही कैबिनेट पद छोड़ा है। इससे पहले, साल 2022 में लिज ट्रस सरकार के दौरान, उन्होंने गृह मंत्री के रूप में कार्य किया था। लेकिन अपने व्यक्तिगत ईमेल से एक आधिकारिक दस्तावेज़ भेजकर मंत्रिस्तरीय कोड को तोड़ने के लिए उन्हें अपने पद को छोड़ना पड़ा था।
