भाजपा प्रत्याशी की हार... निर्दलीय उम्मीदवार से दो हजार वोटों से हारे भाजपा प्रत्याशी, कई सीटों पर प्रतिष्ठा दांव पर
विधान परिषद की 27 सीटों पर चल रही मतगणना, बीजेपी और सपा में कांटे का मुकाबला

लखनऊ, 12 अप्रैल 2022। उत्तरप्रदेश में विधान परिषद चुनाव में भाजपा को पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हार का सामना करना पड़ा है। वाराणसी-चंदौली-भदोही सीट पर माफिया बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह की जीत हुई है, वहीं भाजपा प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल हार गए हैं। कई और सीटों पर भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर हैं। मुख्य रूप से भाजपा और सपा के बीच कांटे की टक्कर है।
उत्तरप्रदेश के स्थानीय निकाय की 27 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों के लिए मंगलवार को सुबह से मतगणना चल रही है। सूबे की 27 सीटों पर 95 उम्मीदवार मैदान में हैं। कुछ सीटों पर बाहुबली नेताओं की साख दांव पर है। सभी की निगाहें कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) और माफिया बृजेश सिंह पर भी हैं। माफिया व एमएलसी बृजेश सिंह की पत्नी अन्नपूर्णा सिंह निर्दलीय वाराणसी-चंदौली-भदोही सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही। पहले चरण के वोटों की गिनती में अन्नपूर्णा सिंह ने 2058 वोट हासिल की है। बीजेपी प्रत्याशी डॉ. सुदामा पटेल को महज 103 वोट मिले हैं, जबकि सपा प्रत्याशी अभय यादव को 171 वोट मिले हैं।
बता दें कि लगभग दो दशक से वाराणसी एमएलसी सीट पर बृजेश सिंह के परिवार का कब्जा है। 2016 के एमएलसी चुनाव में निर्दलीय बृजेश सिंह खुद मैदान में उतरे थे, जिन्हें बीजेपी ने वॉकओवर देते हुए अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारा था। बीजेपी ने इस बार सत्ता में होने के कारण सुदामा पटेल पर दांव लगाया था, लेकिन वाराणसी जेल में बंद बृजेश सिंह ने अपनी पत्नी को निर्दलीय उतारकर बीजेपी को मात दे दी।
दूसरी ओर, प्रतापगढ़ की स्थानीय निकाय विधान परिषद सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। बीजेपी से पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह मैदान में हैं तो सपा से विजय बहादुर यादव और अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल भैया ने जनसत्ता पार्टी से ताल ठोक रखी है। अक्षय प्रताप बाहुबली नेता व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के रिश्तेदार हैं। राजा भैया ने इस सीट पर अक्षय प्रताप को जिताने में पूरी ताकत झोंक दी है, जिससे बीजेपी के लिए प्रतापगढ़ सीट पर अपना एमएलसी बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
