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shubhanshu shukla Axiom 4: शुभांशु शुक्ला ने रचा इतिहास, Axiom -4 मिशन के लिए हुए रवाना, जानिए इससे जुड़ी पूरी खबर

shubhanshu shukla Axiom 4: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) ने एक नया इतिहास रच दिया है। बता दें कि शुभांशु शुक्ला ने बुधवार 25 जून को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरी। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला मिशन Axiom -4 (Mission Axiom-4) के लिए स्पेसएक्स के फाल्कन-9 (SpaceX's Falcon-9) के जरीए अंतरिक्ष की ओर रवाना हुए।

shubhanshu shukla Axiom 4:  शुभांशु शुक्ला ने रचा इतिहास, Axiom -4 मिशन के लिए हुए रवाना, जानिए इससे जुड़ी पूरी खबर
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By Chitrsen Sahu

shubhanshu shukla Axiom 4: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) ने एक नया इतिहास रच दिया है। बता दें कि शुभांशु शुक्ला ने बुधवार 25 जून को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरी। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला मिशन Axiom -4 (Mission Axiom-4) के लिए स्पेसएक्स के फाल्कन-9 (SpaceX's Falcon-9) के जरीए अंतरिक्ष की ओर रवाना हुए।

अंतरिक्ष पर जाने वाले दूसरे भारतीय शुभांशु शुक्ला

बता दें कि यह मिशन Axiom -4 (Mission Axiom-4) 6 बार तकनीकी वजहों से टल चुका था। जिसे अब Axiom -4 मिशन (Mission Axiom-4) को बुधवार 25 जून को दोपहर 12 बजे नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर फ्लोरिडा से लॉन्च किया गया। स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल (Dragon Capsule) में चार अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) सवार थे, जो लगभग 28 घंटे की यात्रा के बाद 26 जून को शाम 4.30 को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से जुड़ेगा। इस तरह अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष पर जाने वाले दूसरे भारतीय है।

माता-पिता हुए भावुक

अंतरिक्ष पर पहुंचते ही अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) ने भावुक शब्दों में कहा कि 41 साल बाद हम अंतरिक्ष में पहुंचे हैं। मेरे कंधे पर तिरंगा मुझे याद दिलाएगा कि मैं आप सभी के साथ हूं। शुभांशु शुक्ला की सफलता पर उनके माता-पिता भावुक नजर आएं। शुभांशु की माता आशा शुक्ला और पिता दयाल शुक्ला कानपुर रोड स्थित CMS के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर दोनों के आंसु छलक उठे उन्होंने कहा कि पूरे देश को शुभांशु पर नाज है।

14 दिन में करेंगे 7 प्रयोग

मिशन Axiom -4 (Mission Axiom-4) का मुख्य उद्देशय नई टोक्नोलॉजी का परीक्षण, शैक्षणिक गतिविधियों के जरिए युवाओं को प्रेरित करना, माइक्रोग्रेविटी में वैज्ञानिक प्रयोग, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) 14 दिन तक अंतरिक्ष में रहेंगे और 7 प्रयोग करेंगे, जो भारतीय शिक्षण संस्थानों ने तैयार किया है। इन प्रयोगों में ज्यादातर बायोलॉजी से जुड़ी स्टडीज की जाएगी। इसके साथ ही शुभांशु शुक्ला नाशा (NASA) के साथ पांच और प्रयोग करेंगे।

कौन है शुभांशु शुक्ला

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला (Astronaut Shubhanshu Shukla) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहने वालेे हैं। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने अपनी शुरुआती शिक्षा अलीगंज के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से पूरी की है। इसके बाद उन्होंने NDA की परीक्षा पास करते हुए साल 2006 में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के फाइटर विंग में शामिल हुए। शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) के पास 2000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है। इसी के साथ ही उन्हें पिछले साल ही 2024 में ग्रुप कैप्टन के पद पर पदन्नोत किया गया।



Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

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