Atal Pension Yojana : मोदी सरकार का बड़ा फैसला: करोड़ों लोगों के बुढ़ापे की टेंशन हो गई खत्म, पढ़े खबर
Atal Pension Yojana : मोदी सरकार ने देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्ग के लोगो को बड़ा तोहफा दिया है अज बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने अटल पेंशन योजना को अगले 5 सालो के लिए और बढ़ा दिया है

Atal Pension Yojana : मोदी सरकार का बड़ा फैसला: करोड़ों लोगों के बुढ़ापे की टेंशन हो गई खत्म, पढ़े खबर
नई दिल्ली : Modi cabinet decision on APY : मोदी सरकार ने देश के करोड़ों गरीब और मध्यम वर्ग के लोगो को बड़ा तोहफा दिया है अज बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने अटल पेंशन योजना को अगले 5 सालो के लिए और बढ़ा दिया है, अब यह योजना साल 2030-31 तक जारी रहेगी, इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो जिनके पास रिटायरमेंट के बाद कमाई का कोई जरिया नही है
बुढ़ापे मे नहीं होगी पैसो की किल्लत
अटल पेंशन योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो दिहाड़ी मजदूरी करते है, छोटे दुकानदार है या गांवों में खेती किसानी से जुड़े है सरकार चाहती है की जब ये लोग 60 साल के हो जायंगे, तो उन्हे किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े कैबिनेट के इस फैसले से अब योजना को चलाने के लिए फंड की कोई कमी नही होगी और लोगों को समय पर पेंशन मिलता रहेगा
कितनी मिलेगी पेंशन और क्या है नियम
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है की इसमें पेंशन की गारंटी मिलती है, 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद लाभार्थी को हर महीने 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की पेंशन मिलती है आप महीने में कितना पैसा जमा करते है, उसी हिसाब से आपकी पेंशन तय होती है सरकार भी इस योजना में अपनी तरफ से आर्थिक सहयोग देती है
8 करोड़ से ज्यादा लोगों को भरोसा
साल 2015 में शुरू हुई इस योजना ने बहुत कम समय में बड़ी कामयाबी हासिल की है, ताजा आंकड़ों के मुताबिक 19 जनवरी 2026 तक देश के लगभग 8.66 करोड़ लोग इस योजना से जुड़ चुके है, सरकार का लक्ष्य है की आने वाले समय मे देश का हर कामगार इस योजना का हिस्सा बने ताकि भारत एक पेंशनयुक्त समाज बन सके
गैप फंडिंग को भी मंजूरी
कैबिनेट ने इस बार गैप फंडिंग को भी हरी झंडी दे दी है, इसका मतलब यह है की अगर भविष्य में पेंशन देने के लिए फंड की थोड़ी बहुत कमी पड़ती है, तो सरकार खुद उसकी भरपाई करेगी, इससे उन करोड़ो लोगो का भरोसा और मजबूत हुआ है जो अपनी मेहनत की कमाई का एक हिस्सा इस उम्मीद में जमा कर रहे है की उनका बुढ़ापा सुरक्षित रहेगा
