Begin typing your search above and press return to search.

Akhilesh Yadav News: अखिलेश यादव को CBI ने भेजा समन, अवैध माइनिंग केस में पूछताछ के लिए बुलाया

Akhilesh Yadav News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अवैध खनन मामले में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है।

Akhilesh Yadav News: अखिलेश यादव को CBI ने भेजा समन, अवैध माइनिंग केस में पूछताछ के लिए बुलाया
X
By Ragib Asim

Akhilesh Yadav News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अवैध खनन मामले में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को समन भेजकर पूछताछ के लिए तलब किया है। अखिलेश को कल यानी गुरुवार (29 फरवरी) को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय एजेंसी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है। सपा प्रमुख को गवाह के रूप में पेश होने के लिए कहा गया है। बता दें कि यादव के पास 2012 से जून 2013 के बीच खनन विभाग था।

यादव को CrPC की धारा 160 (अधिकारियों को गवाहों की उपस्थिति की आवश्यकता की शक्ति देना) के तहत नोटिस भेजा गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख को जनवरी 2019 में दर्ज की गई CBI के FIR के संबंध में तलब किया गया है, जो 2012-2016 के बीच हमीरपुर में कथित अवैध खनन से संबंधित है।

क्या है पूरा मामला?

जनवरी 2019 में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट, खनन अधिकारी और अन्य सहित कई लोक सेवकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। एफआईआर में आरोप है कि सरकारी कर्मचारियों ने ही हमीरपुर में खनिजों का अवैध खनन होने दिया। केंद्रीय एजेंसी 2012 और 2013 के बीच तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव द्वारा मंजूरी दी गई 14 खनन टेंडर्स की जांच कर रही थी।

कुछ खबरों में CBI के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 2012 से 2016 के बीच यूपी सरकार ने कुल 22 टेंडर पास किए थे जिनकी जांच की जा रही है। इनमें से 2012 से 2013 के बीच अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान 14 खनन टेंडर्स पारित किए गए थे।

CBI कर चुकी है मामले में रेड

2019 में अवैध खनन मामले में सीबीआई ने समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कुछ नेताओं के परिसरों पर छापेमारी की थी। सीबीआई को अखिलेश और अन्य विपक्षी दलों द्वारा बड़े पैमाने पर आलोचना का सामना करना पड़ा, जिन्होंने बीजेपी सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए जांच एजेंसी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। कुछ अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि 22 पट्टा उल्लंघनों में से 14 तब हुए जब अखिलेश खनन मंत्री थे। जबकि अन्य पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के कार्यकाल के दौरान हुए।

पिछले महीने प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुंबई में प्रजापति के दो ठिकानों पर तलाशी ली थी। लखनऊ से आई ED की टीमों ने पूर्व मंत्री के परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदे गए 6 फ्लैटों पर तलाशी ली। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में ED सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जिन छह फ्लैटों के बारे में एजेंसी को जानकारी मिली है, वे गायत्री प्रजापति के बेटे और बहू के नाम पर हैं।

इससे पहले ED ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके परिवार की 36.94 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। जब्त की गई इन संपत्तियों की मार्केट कीमत 55 करोड़ रुपये आंकी गई। गायत्री और उनके परिवार की जो संपत्ति जब्त की गई है, उसमें 57 बैंक अकाउंट भी शामिल हैं।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story