Begin typing your search above and press return to search.

अजित पवार विमान हादसा: आख़िरी पलों में पायलट और ATC के बीच क्या बातचीत हुई? जांच में सामने आया...

Ajit Pawar plane crash: बारामती विमान हादसे में उप मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हो गई है। DGCA और उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि लैंडिंग से पहले पायलट और ATC के बीच क्या बातचीत हुई थी।

अजित पवार विमान हादसा: आख़िरी पलों में पायलट और ATC के बीच क्या बातचीत हुई? जांच में सामने आया...
X
By Ragib Asim

पुणे | महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को ले जा रहा चार्टर विमान बुधवार सुबह पुणे के पास बारामती हवाईअड्डे पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत विमान में सवार कुल पांच लोगों की मौत हो गई है। यह दुर्घटना सुबह करीब 8:40 बजे उस समय हुई जब विमान रनवे के बेहद पास था।

पुणे (ग्रामीण) के एसपी संदीप सिंह के अनुसार विमान लैंडिंग से ठीक पहले क्रैश हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अंतिम क्षणों में विमान का संतुलन बिगड़ा हुआ दिख रहा था और ऐसा लग रहा था कि वह सुरक्षित लैंड नहीं कर पाएगा।
शुरुआती पलों में क्या हुआ?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक बारामती एक अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड है। ऐसे एयरफील्ड पर नियमित एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर की जगह, स्थानीय फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के इंस्ट्रक्टर या पायलट ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं।
28 जनवरी 2026 को यह विमान जिसका कॉल साइन VI-SSK था सुबह 8:18 बजे पहली बार बारामती से संपर्क में आया। उस समय विमान पुणे अप्रोच से रिलीज किया जा चुका था और विज़ुअल मेट्रोलॉजिकल कंडीशन यानी VMC में उतरने की सलाह दी गई।
पायलट ने हवा और दृश्यता (विज़िबिलिटी) के बारे में जानकारी मांगी। जवाब में बताया गया कि हवा शांत है और विज़िबिलिटी करीब 3,000 मीटर है। यानी तकनीकी रूप से लैंडिंग की शर्तें मौजूद थीं।
गो-अराउंड क्यों करना पड़ा?
इसके बाद विमान ने रनवे 11 पर फ़ाइनल अप्रोच की सूचना दी। लेकिन कुछ ही पलों बाद क्रू ने बताया कि उन्हें रनवे साफ़ तौर पर दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पायलट ने पहली बार गो-अराउंड किया यानी लैंडिंग की कोशिश छोड़कर दोबारा ऊपर चढ़ गया।
गो-अराउंड के बाद विमान से उसकी स्थिति पूछी गई। क्रू ने बताया कि वह फिर से रनवे 11 की फ़ाइनल अप्रोच पर है। ATC की ओर से निर्देश दिया गया कि रनवे दिखाई देने पर तुरंत सूचना दें। कुछ सेकंड बाद पायलट ने कहा कि अब रनवे दिखाई दे रहा है।
आख़िरी संदेश और फिर सन्नाटा
सुबह 8:43 बजे विमान को रनवे 11 पर लैंडिंग की क्लीयरेंस दी गई। लेकिन इसके बाद क्रू की ओर से लैंडिंग क्लीयरेंस का कोई रीडबैक नहीं मिला। ठीक एक मिनट बाद यानी 8:44 बजे, रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड के पास आग की लपटें दिखाई दीं। इसके बाद इमरजेंसी सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं।
विमान का मलबा रनवे 11 के थ्रेशहोल्ड से कुछ दूरी पर बाईं ओर पाया गया। शुरुआती तस्वीरों और चश्मदीदों के बयानों के मुताबिक टक्कर के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई और कई बार विस्फोट हुए।
विमान और क्रू के बारे में क्या जानकारी है?
दुर्घटनाग्रस्त विमान Learjet 45 (LJ45) श्रेणी का एक बिज़नेस जेट था जिसे कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर ने बनाया है। यह आठ यात्रियों तक को ले जाने में सक्षम होता है और छोटे रनवे वाले एयरपोर्ट्स पर भी लैंडिंग के लिए जाना जाता है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार यह विमान VSR Ventures Aviation कंपनी का था और इसका निर्माण वर्ष 2010 बताया गया है। फरवरी 2025 में DGCA की ओर से इसका आख़िरी रेगुलेटरी ऑडिट किया गया था जिसमें कोई खामी दर्ज नहीं हुई थी।
क्रू में दो पायलट शामिल थे। एक पायलट के पास एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) था और उन्हें करीब 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था। दूसरे पायलट के पास कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) था और उन्हें लगभग 1,500 घंटे का अनुभव था।
जांच किसके हाथ में?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार इस हादसे की औपचारिक जांच AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने अपने हाथ में ले ली है। AAIB के महानिदेशक दुर्घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं और ब्लैक बॉक्स, तकनीकी डेटा तथा ATC-पायलट बातचीत के रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाएगा।
शोक और राजकीय सम्मान
अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत तमाम राजनीतिक नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
बारामती विमान हादसा कई सवाल छोड़ गया है जब मौसम और विज़िबिलिटी सामान्य बताई जा रही थी, तब लैंडिंग के आख़िरी पलों में ऐसा क्या हुआ कि अनुभवी क्रू वाला विमान रनवे से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया? इन सवालों के जवाब अब AAIB की विस्तृत जांच से ही सामने आएंगे।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

Read MoreRead Less

Next Story