ड्रग्स की लत ने ली चार बेटों की जान, पांचवें की सांसें अटकीं, अब सड़क पर उतरे मां-बाप, राज्य सरकार से लगाई गुहार
Punjab Drug Case: कपूरथला जिले के सुल्तान लोधी में रहने बुजुर्ग दंपति ने चार बच्चे ड्रग्स के कारण खो दिए हैं और पांचवां बच्चा भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।

फोटो सोर्स- इंटरनेट, एडिट, npg.news
चंडीगढ़ 06 अप्रैल 2026, पंजाब में ड्रग्स से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई परिवारों ने अपने बच्चे खो दिए हैं और उन्हीं में से एक है कपूरथला जिले के सुल्तान लोधी में रहने बुजुर्ग दंपति। इन्होंने अपने चार बच्चे ड्रग्स के कारण खो दिए हैं और पांचवां बच्चा भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। अपने पांचवें बच्चे को बचाने के लिए उन्होंने रविवार को प्रदर्शन किया।
ड्रग्स के खिलाफ प्रदर्शन
दरअसल, सुल्तान लोधी शहर के पंडोरी मोहल्ले में रहने वाले जोगिंदर पाल और मंजीत कौर ने ड्रग्स के खिलाफ रविवार को मोहल्लेवासियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने पांचवे बेटे सोनू (32) को बचाने और इलाके को नशे से मुक्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इलाके में ड्रग्स आसानी से मिल जाता है, जिसकी जद में बच्चे आ रहे हैं।
राज्य सरकार से लगाई गुहार
जोगिंदर पाल का कहना है कि ड्रग्स की लत ने उनके चार बेटों की जान ले ली है और अब उनका पांचवां बेटा सोनू भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। सोनू घर पर बिस्तर पर पड़ा है और वो मुश्किल से सांस ले पा रहा है। ऐसे में उन्होंने रविवार को मोहल्लेवासियों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया और अपने पांचवे बेटे सोनू को बचाने के लिए राज्य सरकार से गुहार लगाई है।
शासन प्रशासन पर लगाए कई आरोप
जोगिंदर और मोहल्ले वासियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के नाक के नीचे से जहर बेचा जा रहा है। नशे के सौदागर अपना मुंह बांधकर बाइक से घरों तक पहुंचते हैं नशे का सामन देकर भाग जाते हैं। पिछले कुछ सालों में 20 युवकों की मौत ड्रग्स की वजह से हुई है। पिछले तीन से चार महीनों में अकेले सुल्तान लोधी शहर के पंडोरी मोहल्ले में चार लोगों की मौतें हुई है।
ड्रग्स से मौत मामले में पंजाब टॉप पर
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की माने तो 2023 में देशभर में सबसे ज्यादा पंजाब में ड्रग्स से 89 लोगों की मौत हुई। हालांकि यह आंकड़ा 2022 के 144 मामलों से कम था। वहीं मध्यप्रदेश में ड्रग्स से संबंधित 85 और राजस्थान में 84 मौतें हुई थी।
