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Working Hours Update : अब 10 घंटे होगा वर्किंग आवर्स, महिलाओं को नाइट शिफ्ट की अनुमति, विधानसभा में संशोधन बिल पास

Working Hours Update : गुजरात विधानसभा ने दुकान और प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक 2026 पास कर दिया है, जिससे अब महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति मिल गई है. नए कानून में काम के घंटे और ओवरटाइम की सीमा बढ़ा दी गई है, साथ ही छोटे व्यापारियों को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से बड़ी राहत दी गई है. सरकार का मानना है कि इन बदलावों से राज्य में निवेश बढ़ेगा और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूती मिलेगी.

Working Hours Update : अब 10 घंटे होगा वर्किंग आवर्स, महिलाओं को नाइट शिफ्ट की अनुमति, विधानसभा में संशोधन बिल पास
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Working Hours Update : अब 10 घंटे होगा वर्किंग आवर्स, महिलाओं को नाइट शिफ्ट की अनुमति, विधानसभा में संशोधन बिल पास

By Uma Verma

Working Hours Update : गांधीनगर : गुजरात विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मंगलवार को व्यापार और कृषि क्षेत्र से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए, जो राज्य की आर्थिक दिशा बदलने का काम करेंगे. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में श्रम एवं रोजगार मंत्री कुंवरजीभाई बावलिया ने गुजरात दुकान और प्रतिष्ठानविधेयक 2026 पेश किया, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी. यह नया कानून न केवल छोटे व्यापारियों को राहत देगा, बल्कि महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा.

व्यापार के नियमों में बड़े बदलाव

नए संशोधन के अनुसार, अब यह कानून केवल उन दुकानों और संस्थानों पर लागू होगा जहाँ 20 या उससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं. पहले यह सीमा 10 कर्मचारियों की थी. इस बदलाव से हजारों छोटे दुकानदारों को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी, हालांकि उन्हें ऑनलाइन सूचना देना जारी रखना होगा.

कामकाजी घंटों में भी लचीलापन लाया गया है. अब दैनिक काम के घंटे 9 से बढ़ाकर 10 कर दिए गए हैं और लगातार काम करने की अवधि को 5 से बढ़ाकर 6 घंटे किया गया है. सबसे बड़ा बदलाव ओवरटाइम को लेकर है अब तीन महीने में अधिकतम ओवरटाइम की सीमा 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है. सरकार ने कहा है कि इससे औद्योगिक उत्पादकता बढ़ेगी और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा.

महिलाओं को नाइट शिफ्ट की आजादी

विधेयक की सबसे खास बात महिलाओं को रात 9 बजे से सुबह 6 बजे के बीच काम करने की अनुमति देना है. हालांकि, इसके लिए नियोक्ताओं पर सख्त शर्तें लागू होंगी. उन्हें महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, गरिमा, परिवहन सुविधा और अलग आराम कक्ष सुनिश्चित करना होगा. मंत्री बावलिया ने इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर एक प्रगतिशील कदम बताया है.

खेती की जमीन के नियमों में सख्ती

इसी सत्र में राजस्व राज्य मंत्री संजय सिंह माहिडा ने सौराष्ट्र घरखेड़ कृषि भूमि संशोधन विधेयक पेश किया. इसके तहत अब गैर-कानूनी तरीके से कृषि भूमि के ट्रांसफर पर नकेल कसी जाएगी. यदि कोई व्यक्ति जो किसान नहीं है, गलत तरीके से जमीन खरीदता है, तो उसे बाजार मूल्य का तीन गुना जुर्माना देना होगा. जुर्माना न भरने पर जमीन सरकार जब्त कर लेगी और उसे बंजर भूमि के रूप में नीलाम कर दिया जाएगा.

इसके अतिरिक्त, बनासकांठा के पालनपुर में 46 करोड़ रुपये की लागत से 1212 मीटर लंबे आधुनिक रेलवे ओवरब्रिज को भी मंजूरी दी गई है, जिससे करीब पौने दो लाख लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी.

पहले क्या थे नियम पहले के मुकाबले कितना फायदा

पहले के नियमों के मुताबिक, दुकानों और संस्थानों में 9 घंटे से ज्यादा काम की अनुमति नहीं थी और लगातार 5 घंटे काम के बाद ब्रेक देना अनिवार्य था, साथ ही 10 से ज्यादा कर्मचारी होने पर ही रजिस्ट्रेशन जरूरी होता था. महिलाओं के लिए रात में काम करने की सख्त मनाही थी और ओवरटाइम की सीमा भी केवल 125 घंटे तक ही सीमित थी, जिससे बड़े ऑर्डर्स पूरे करने में उद्योगों को काफी परेशानी होती थी.

नए बदलावों से अब 20 कर्मचारियों वाले छोटे संस्थानों को रजिस्ट्रेशन की झंझट से मुक्ति मिल गई है और ओवरटाइम की सीमा बढ़कर 144 घंटे होने से काम में ज्यादा लचीलापन आएगा. सबसे बड़ा फायदा महिलाओं को मिला है, जो अब सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के साथ नाइट शिफ्ट कर सकेंगी, जिससे उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी. ये सुधार न केवल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देंगे, बल्कि गुजरात में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे.

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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