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बहू समेत 5 की हत्या: बहू को किरायेदार साथ ऐसी हालत में देख खौल गया था रिटायर्ड फौजी का खून… आधी रात बहु सहित पांच लोगों को काट डाला, वारदात के बाद गंडासे के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचा…

बहू समेत 5 की हत्या: बहू को किरायेदार साथ ऐसी हालत में देख खौल गया था रिटायर्ड फौजी का खून… आधी रात बहु सहित पांच लोगों को काट डाला, वारदात के बाद गंडासे के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचा…
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By NPG News

गुरुग्राम 26 अगस्त 2021. राजधानी दिल्‍ली से सटे गुरुग्राम में बहू-किरायेदार पर शक में पांच लोगों का बेरहमी से कत्‍ल कर देने वाले रिटायर्ड फौजी ने पुलिस के सामने गुनाह कबूल करते हुए अपने सिर पर सवार खूनी सोच को बयां किया। फौजी ने कहा कि बहू, किरायेदार और उसकी पत्‍नी को मौत के घाट उतारने के बाद उसने सोचा कि किरायेदार के बच्‍चे अगर बच गए तो उनकी परवरिश कौन करेगा। इसके बाद उसने दोनों छोटे बच्‍चों को भी मार डाला। हमले में 65 वर्षीय सेवानिवृत्त फौजी राव राय सिंह ने पुत्रवधू सुनीता यादव (35), किराएदार कृष्ण तिवारी (40), उसकी पत्नी अनामिका तिवारी (34) और बेटी सुरभि (7) की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी थी।

दरअसल गुरुग्राम के राजेन्द्रापार्क क्षेत्र में चार लोगों की नृशंस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार इन हत्याओं का कारण किराएदार कृष्ण कांत तिवारी और फौजी की पुत्रवधू सुनीता के बीच अवैध संबंध रहे हैं। इस मामले में रिटायर्ड फौजी राव राय सिंह और उसकी पत्नी विमलेश को दोषी मानकर गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया। इनमें से विमलेश को जेल भेज दिया गया है। जबकि फौजी दो दिन के रिमांड पर पुलिस हिरासत में है। जिससे घटना के बारे में अन्य जानकारी जुटाने का पुलिस प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार रिटायर्ड फौजी राव राय सिंह की पुत्रवधू से किरायेदार के अवैध संबध थे। इसकी जानकारी उसे जनवरी 2021 में हो गई थी। उसी के बाद किराएदार से मकान खाली करने को कहा था। कहने के बावजूद उसने न मकान खाली किया और न ही दस माह से मकान का किराया दिया था। जबकि वह इस मकान में ढाई साल से 5500 रुपये महीने का किराएदार है। इस हिसाब से उस पर दस महीने का किराया 55 हजार रुपये बकाया था।

तीन महीने पहले कोरोना काल में कृष्ण कांत परिवार के साथ सीवान (बिहार) चला गया था। रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले गांव से वापस आने के बाद उसने अपनी बहू को कृष्णकांत के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसी घटना के बाद उसने बहू की तेज धारदार हथियार से हत्या करने को योजना तैयार कर ली थी। 23 अगस्त को छह बजे उसका बेटा खाटू श्याम गया था।

उसी रात उसने दो बजे पहले पुत्रवधू की हत्या की, बाद में ऊपर जाकर किरायेदार व उसकी पत्नी अनामिका व दोनों बेटियों सुरभि और विधि पर धारदार हथियार से हमला किया। रिटायर फौजी इन सभी को मरा समझ कर थाने पहुंच गया। पुलिस ने जब आरोपी की पत्नी विमलेश से पूछताछ की तो पता चला कि वह भी उसके साथ खड़ी थी। महिला ने पुलिस को बताया कि जब ऐसा करने से उसने मना किया तो वह नहीं माने, फिर भी पति के साथ रही।

जब राव राय सिंह थाने पहुंचा तो पुलिस वालों ने मजाक के अंदाज में पूछा राव साहब नीचे क्यों बैठ गए। उसने तुरंत जवाब देते हुए कहा, साहब कभी हम आप के सामने बैठकर लोगों को फैसला कराते थे। आज ऐसा काम करके आए हैं कि हमें नीचे ही बैठना है। थाने में तैनात बहुत से पुलिस वाले उसे पहचानते हैं। पहले तो लोग उसकी बात पर यकीन नहीं कर रहे थे, मगर हाथ में धारदार हथियार देखकर लोगों में हड़कंप मच गया था।

सीवान जिले के मैरवा थाना इलाके के बयास तिवारी के 45 वर्षीय पुत्र कृष्णा तिवारी अपने परिवार के साथ गुरुग्राम में रहते थे। वे राजेंद्र पार्क बस्ती एरिया में राव साहब नाम के एक रिटायर्ड फौजी के यहां किराए के मकान में रहते थे।मृतक कृष्णा तिवारी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के पद पर तैनात थे। जहां लॉकडाउन के कारण उनके नौकरी चली जाने के बाद अपने गांव लौटे। कुछ दिनों तक घर पर रहे। 9 अगस्त को अपने परिवार के साथ दिल्ली गए थे। जहां से 10 अगस्त को गुरुग्राम स्थित अपने किराए के मकान में पहुंचे थे। मृतक कृष्णा तिवारी दो भाई थे। उनके बड़े भाई की मौत 2005 में हो चुकी है। वहीं, कृष्णा तिवारी के मौत के बाद उनके दिव्यांग पिता बयास तिवारी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बयास तिवारी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। वे चल फिर नहीं सकते हैं। सिर्फ एक ही जगह रहते हैं।

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