कांग्रेस नेता के भतीजे का मर्डर मामला: वारदात के वक्त हत्यारे बजा रहे थे डीजे, 16 मैसेज और बड़े सूटकेस का भी राज आया सामने…ऐसे दिया था पूरे घटना को अंजाम

रायपुर 16 फरवरी 2021। राजधानी में कांग्रेस नेता के भतीजे की मिली लाश न सिर्फ दर्दनाक हालत में मिल थी बल्कि  हत्या का तरीका उससे भी ज्यादा खौफनाक था। खबर मिली है कि हत्या के वक्त हत्यारों ने मौत का जश्न भी मनाया था। बाक़ायदा डीजे भी मौके पर चल रहा था। हालाकिं आशंका ये भी है कि मौत के वक्त चींख को दबाने के लिए ये डीजे बजाया गया था। वारदात के तरीके से मालूम ये भी चला है कि हत्या की प्लानिंग पहले से ही तैयार कर ली गयी थी। आरोपियों ने  वारदात से पहले मृतक जतिन चांद को बुलाने के लिए 16 से ज्यादा बार मैसेज भी किये थे, जिसमें बड़ा सूटकेस लाने की और कहीं बाहर जाने की बात का जिक्र किया गया था। हालांकि एक बात ये भी सामने आयी है हत्यारों की पहले से ही प्लांनिग कहीं दूसरी जगह लेजाकर जतिन को मारने की थी, लेकिन बाद में तीनों ने अपना प्लान बदल दिया और खमताराई इलाके में ही उसकी हत्या कर दी। फिर जिस सूटकेस को आरोपियों ने मंगाया था उसी सूटकेस में शव को भर कर खम्हारडीह इलाके स्थित चंडी नगर के कुएं में फेक दिया था।

जाने क्या था पूरा मामला…
दरअसल ये पूरा मामला 15 फरवरी खम्हारडीह इलाके के चंडी नगर का है। सोमवार की शाम में कचरा बिनने वाले एक युवक ने सूटकेस को कुएं में देखा था। सूटकेस को जब उस युवक ने खोलकर देखा तो उसमें एक लाश थी। जिसके बाद उसने इसकी शिकायत आसपास के लोगों और पुलिस को दी थी। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस और एफएसएल की टीम पहुंची थी। जांच के दौरान मृतक की शिनाख्त खमतराई पार्षद अंजली विभार पति राधेश्याम विभार के भतीजे जतीन चांद 20 वर्ष के रूप में की गयी थी। पहचान होने के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और संदेह के आधार पर पुलिस ने मृतक के दोस्त प्रदीप नायक को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में प्रदीप ने पैसे के विवाद को लेकर जतीन की हत्या की बात कबूल की। प्रदीप ने पुलिस पूछताछ में बताया था, कि जतिन ने उससे और उसके दोस्त सुजीत तांडी और केवी भास्कर से कुछ रूपए उधार ले रखे थे। इसी पैसों को लेकर उनका विवाद चल रहा था। नौ फरवरी को प्रदीप, सुजीत और भास्कर ने जतिन को काॅल और कई एसएमएस कर उसे खमतराई के एक घर में बुलाया था। इसके बाद तीनों आरोपियों ने पैसों को लेकर ही जतिन चांद से विवाद किया। विवाद के दौरान आरोपियों उसकी हत्या कर कर दी और शव को उसी के सूटकेस में भर कर खम्हारडीह इलाके में फेंक दिया था।
सूटकेस लेकर आरोपियों ने बुलाया था अपने पास:- घटना वाले दिन मृतक जतिन चांद को आरोपी प्रदीप नायक, सुजीत तांडी और केवी दिवाकर ने फोन और कई SMS करके बड़े से सूटकेस के साथ बुलाया था। मृतक नौ फरवरी की दोपहर ढ़ाई से तीन बजे के बीच सूटकेस लेकर अपनी बाइक से आरोपियों के द्वारा बताये गये पते पर पहुंचा था। यहां पर तीनों आरोपी ने पहले से जतिन की हत्या की प्लानिंग की तैयारी कर रखी थी। जतिन जैसे ही आरोपियों के द्वारा बताए गये पते पर पहुंचा तो आरोपियों ने पूराने पैसों को लेकर उससे विवाद किया। विवाद के दौरान तीनों ने जतिन की गला दबाकर हत्या कर दी।
पोल खुलने के डर से तेज आवाज में चालू किया था डीजे:- तीनों आरोपी जब जतिन का गला दबा रहे थे, उस दौरान जतिन बेहोश हो गया था, जिसे मरा हुआ समझकर उसे उसी के सूटकेश में भर दिया था। थोड़े देर बाद जब सूटकेश के अंदर से जतीन के हड़बड़ाने और चींख-पुकार की आवाज सुनाई दी तो आरोपी पोल खुलने के डर की वजह से घर में रखे डीजे को फुल आवाज में चालू कर दिया। डीजे चालू करने के बाद फिर से तीनों ने मिलकर जतिन की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को सूटकेस में भर कर हत्या वाली रात लगभग एक से दो बजे के बीच बाइक में सूटकेस को लादकर खम्हारडीह इलाके के चंडी नगर स्थित एक कुएं में फेंक दिया था।
शव को फेंकने के बाद तीनों आरोपी बाईक से अपने अपने घर चले गये थे।
पकड़े जाने के डर से मृतक का मोबाइल चालू कर बदलते रहे लोकेशन:-
तीनों आरोपी बड़ी ही चालाकी से हत्या को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से बार बार लोकेशन बदल रहे थे। 9 से 10 फरवरी के बीच आरोपी केवी दिवाकर मृतक की बाइक को लेकर डब्ल्यूआरएस मैदान स्थित कैबीन के पास छोड कर चला गया था। इसके बाद मृतक के मोबाइल से ही उसके पिता को भिलाई धमदा के पास से SMS किया गया था। आरोपियों ने पिता को गुमराह करने के लिए मैसेज में खुद के ठीक होने की बात भी कही थी।
शिकायत के बाद भी पुलिस ने नहीं लिया गया कोई एक्शन:
इधर मृतक के पिता ने अपने बेटे के लापता होने की शिकायत नौ फरवरी को खमतराई थाने में दर्ज कराई थी। देव कुमार को जब उसके बेटे के मोबाइल से 11 फरवरी को मैसेज मिला था तो इसकी भी जानकारी उसने खमतराई थाना प्रभारी संजय पुढ़ीर को दी थी। साथ ही पीड़ित ने तीन संदेही आरोपी प्रदीप नायक, सुजीत तांडी और केवी दिवाकर पर शक भी जताया था। ये सारी शिकायत मिलने के बाद भी थाना प्रभारी संजय पुढ़ीर ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उल्टे मृतक के परिजनों को धमकाते हुये उन्हें थाने से भगा दिया था। अगर पीड़ित पिता की शिकायत के बाद थाना प्रभारी संजय पुढ़ीर ने आरोपियों की तलाश की होती तो शायद जतिन की जान आज बच सकती थी।

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