MP Board 10th 12th Result: फेल हों या पास... अब कोई टेंशन नहीं! एमपी बोर्ड ने लागू किया नंबर सुधारने का नया नियम, जानिए कब आएंगे 10वीं-12वीं के नतीजे

MP Board 10th 12th Result: फेल हों या पास... अब कोई टेंशन नहीं! एमपी बोर्ड ने लागू किया नंबर सुधारने का नया नियम, जानिए कब आएंगे 10वीं-12वीं के नतीजे
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MP Board Result 2026: एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं का रिजल्ट 15 अप्रैल से पहले घोषित होगा। इस बार पास और फेल दोनों छात्रों को अंक सुधारने (Improvement Exam) का बड़ा मौका मिलेगा। जानें नया नियम।

MP Board Result 2026: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) 15 अप्रैल से पहले 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित करने जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ये रिजल्ट जारी करेंगे। इस बार बोर्ड ने बड़ा बदलाव करते हुए पास और फेल दोनों छात्रों को अपने मार्क्स सुधारने (इंप्रूवमेंट एग्जाम) के लिए दूसरी परीक्षा देने का शानदार मौका दिया है।

टॉपर्स का वेरिफिकेशन अंतिम चरण में

बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। फिलहाल एमपी बोर्ड टॉपर्स के वेरिफिकेशन और डेटा अपलोड करने के अंतिम चरण में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसी हफ्ते रिजल्ट की तारीखों का ऐलान हो सकता है। इस साल 10वीं में करीब 9.07 लाख और 12वीं में 7 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। पिछले साल 10वीं का पास प्रतिशत 76.22 प्रतिशत और 12वीं का 74.28 पर्सेंट रहा था।

7 मई से शुरू होंगे इंप्रूवमेंट एग्जाम

छात्रों के करियर और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने 7 मई से दूसरी परीक्षा आयोजित करने का अहम फैसला लिया है। 12वीं कक्षा के लिए यह परीक्षा 7 मई से 25 मई तक और 10वीं के लिए 7 मई से 19 मई तक चलेगी। रिजल्ट घोषित होने के ठीक सात दिनों के भीतर छात्रों को इन परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

पास और फेल दोनों छात्रों को मिलेगा समान अवसर

पुराने नियमों के तहत केवल एक या दो विषयों में फेल होने वाले छात्रों को ही सप्लीमेंट्री परीक्षा देने की अनुमति थी। लेकिन अब फेल या पास हुए सभी छात्र किसी भी विषय में अपना स्कोर बेहतर करने के लिए एग्जाम दे सकते हैं। फेल हुए विषयों की परीक्षा देना अनिवार्य रहेगा जबकि पास हुए विषयों के लिए यह पूरी तरह से छात्र के फैसले (वैकल्पिक) पर निर्भर करेगा।

फाइनल मार्कशीट में जुड़ेंगे सबसे बेहतर अंक

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्रों को अपने अंकों का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। मुख्य परीक्षा और दूसरी परीक्षा दोनों के नतीजों की तुलना की जाएगी। दोनों एग्जाम में से जिस विषय में छात्र का स्कोर ज्यादा होगा फाइनल मार्कशीट में उसी को दर्ज किया जाएगा।

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