7 से ज्यादा फेसबुक आईडी, अधिकारियों, कारोबारियों से चैट…तीन बैंक एकाउंट…”निशा जिंदल” बने रवि को लेकर बड़ा खुलासा…. ब्लैकमेलिंग का भी मिला एंगल

रायपुर 20 अप्रैल 2020। फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर सांप्रदायिक टिप्पणी करने वाले आईटी इंजीनियर रवि पुजार के संबंध में कई खुलासे सामने आये है। आरोपी के पास से तीन बैंक एकाउंट और अधिकारियों, कारोबारियों के साथ हुये चैट भी बरामद किये है। पुलिस इन एकाउंट की डिटेल और चैट को खंगाल रही है साथ में आरोपी के द्वारा किसी तरह की ठगी या ब्लैकमेलिंग तो नहीं की गयी, इस बात का भी पता पुलिस लगाने में जुट गयी है।

चार हजार से ज्यादा दोस्त फेसबुक में…..

रवि पुजारा निशा जिंदल और मिराह पाशा के नाम से जो आईडी बनायी है। उसमें उसके चार हजार से ज्यादा दोस्त है। आरोपी के संबंध में एक बात यह भी पता चली हैं कि आरोपी अपने फेसबुक फ्रेंड सर्किल में इतना भरोसेमंद था कि आरोपी के ट्वीट को लेकर कई बार फेसबुक दोस्त आपस में ही भीड़ जाते थे। रवि के नाम पर सात से ज्यादा फर्जी फेसबुक आईडी पुलिस ने जब्त की है। वहीं आरोपी रवि पुजार के पिता पर्यावरण विभाग में है और रवि अपने खर्चे के लिये पढ़ाई के नाम पर परिजनों से पैसे लिया करता था। फिलहाल रवि पुजार से जुडे़ कई मामलो में जांच की जा रही हैं और जांच पूरी होने के बाद कई और खुलासे इस संबंध में हो सकते है।

निशा जिंदल और पाकिस्तानी एक्ट्रेस मिराह पाशा के नाम पर एकाउंट…

आरोपी रवि पुजार फेसबुक पर इन्हीं नामों से सात से ज्यादा आईडी बना रखी थी। इन आईडी से ये अधिकारियों और कारोबारियों से चैट किया करता था। आरोपी खुद को एक्टे्र्स, माॅडल साथ ही कई बडे संगठन जैसे हेल्थ आर्गनाइजेसन , विश्व मुद्रा संगठन जैसे संगठनों का अफसर भी बताता था।

तीन से ज्यादा बैंक एकाउंट के लेनदेन को खंगाल रही पुलिस

आरोपी के नाम पर तीन बैंक एकाउंट मिले है। साथ ही कुछ लेनदेन की भी जानकारी मिली है। आरोपी कबीर नगर स्थित अपने घर में रहता था। इसके पास से पुलिस ने मोबाइल-लैपटाप बरामद किये गये है। पुलिस ने इसे जब्त कर साइबर लैब जांच के लिये भेज दिया है। पुलिस को संदेह हैं कि रविं अश्लील चैट कर अधिकारियों -कर्मचारियों से ब्लेकमेलिंग भी करता रहा होगा। फिलहाल इस एंगल को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

आपको बता दें कि चार दिन पहले निशा जिंदल के नाम से चला रहे फेसबुक आईडी से हुए सांप्रदायिक टिप्पणी मामले में रवि की कबीर नगर से गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद पुलिस को एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। फर्जी एकाउंट के 10 हजार से ज्यादा फालोअर्स थे, जिसमें पुलिस विभाग के आला अधिकारी समेत कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे।

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