सांसद विजय बघेल का कांग्रेसियों के आरोप पर पलटवार, कांग्रेसियों का आरोप खोदा पहाड़ निकली चुहिया के अलावा कुछ नहीं

दुर्ग 4 फरवरी 2021. रायपुर में कांग्रेसियों द्वारा प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से दुर्ग सांसद विजय बघेल के निर्वाचन को निरस्त किए जाने की मांग के की उन्होंने भाजपा सांसद बघेल पर कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी शपथ पत्र में कृषि भूमि को साजिश के तहत छिपाया गया है। सांसद विजय बघेल ने लोकसभा चुनाव में कृषि भूमि 1.35 हेक्टेयर दर्शाया है, जबकि ताजा परिस्थितियों में विजय बघेल ने 16.65 एकड़ रकबे का 249 क्विंटल धान उन्होंने बेचा है।

इस पूरे मामले में सांसद विजय बघेल ने कांग्रेस के आरोप का पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेसी इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाकर अपनी खीज निकाल रहे है। उनका कहना था कि मैं मानता हूं कि मेरी माता जी के नाम से ज़मीन थी और 2018 में उनकी मृत्यु के उपरांत जो फौती की प्रक्रिया होती है उसमे ये जमीन हस्तांतरित हुई सांसद बघेल बताया कि उनके बड़े भाई थे जिनकी मृत्य 2008 में हो गयी थी उसके बाद घर का मुखिया मैं खुद हूँ वही मेरी 4 बहनें है एक छोटा भाई और बड़े भैया का बेटा है हम सभी के नाम से यह जमीन धान बेचने के दौरान पटवारी के माध्यम से सोसायटी में गयी वही जब मैने 2019 में लोकसभा का नामांकन भरा था तो फार्म में ऐसा कोई कॉलम नही था कि सामुहिक संपत्ति का ब्यौरा देना पड़े। लोकसभा के नामांकन में मैने अपनी मेरी पत्नी और बेटे की संपत्ति का ब्यौरा दिया था वही वित्तीय वर्ष 2019 में रिटर्न फाइल करते वक्त सामुहिक संपत्ति से प्राप्त होने वाली आय का ब्यौरा इसलिए दिया चूंकि यह अब माता की मृत्यु के बाद मेरे और परिवार के सदस्यों के नाम पर हस्तांतरित हो गयी है।

इसीलिए कांग्रेसियों ने जो आरोप लगाया है वो राजनीतिक दुर्भावना के अलावा कुछ भी नही है उनका यह आरोप खोदा पहाड़ और निकली चुहिया की तरह है क्योंकि इसमें कोई तथ्यात्मक जानकारी नही है। वही इस आरोप से मेरे समर्थकों की भावना आहत हुई है जिसे लेकर मैं अपने ऊपर आरोप लगाने वाले कांग्रेसियो के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करूँगा और इस बारे में मैं अपने वकील से भी राय ले रहा हूँ जल्द ही इस पर कोई कदम उठाया जाएगा जिससे कि अनर्गल रूप से आरोप लगाने वाले भविष्य में इस तरह की कोई हरकत ना करे।

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