मरवाही उप चुनाव: चेहरा दिखाउ नेताओं से हलाकान हुई कांग्रेस..स्थानीय कार्यकर्ताओं की नाराज़गी के बाद पीसीसी ने जारी किया कड़ा आदेश “ उप चुनाव में जिसे जिम्मा.. वही चुनाव क्षेत्र में जाएगा.. बगैर अनुमति गए तो सख़्त कार्यवाही”

रायपुर,30 सितंबर 2020। मरवाही उप चुनाव कांग्रेस के लिए कितनी अहमियत रखता है और जीत के अलावा वहाँ कुछ भी क्यों स्वीकार नही है यह बताने की जरुरत नही है। लेकिन फेस वाल्यूम पॉलिटिक्स करने वालों को लेकर वो हंगामा हुआ है कि पीसीसी चीफ मोहन मरकाम को आदेश जारी कर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देनी पड़ी है।
पीसीसी के प्रभारी महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला के हस्ताक्षर से जो आदेश जारी हुआ है उसमें लिखा है-
“आसन्न मरवाही विधानसभा उप चुनाव को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष माननीय  मोहन मरकाम जी ने निर्देशित किया है कि मरवाही विधानसभा क्षेत्र में जिसके जवाबदेही/प्रभार दिया जाएगा, वही चुनाव क्षेत्र में जायेगा, बिना अनुमति/संज्ञान के क्षेत्र का दौरा किये जाने पर संगठनात्मक कार्यवाही किया जायेगा.. यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा”
इस आदेश को जारी करने की जरुरत क्यों पड़ गई के जवाब में पीसीसी की ओर से चंद्रशेखर शुक्ला ने सधा सा जवाब दिया –
“प्रदेश अध्यक्ष जी का आदेश था इसलिए जारी किया गया है.. आंतरिक व्यवस्था और अनुशासन का मसला है..”
मसला वे नेताजी लोगों की भीड़ है जो बगैर बुलाए मरवाही उप चुनाव क्षेत्र में चले आ रहे हैं, और फ़ेस वाल्यूम पॉलिटिक्स कर बड़े क्षत्रपों के सामने नंबर काउंट कराना चाहते हैं। मसला यहाँ तक ही रहता तो ठीक था लेकिन बखेड़ा तब हो गया जबकि प्रिटेंशियस वर्कर याने चेहरा दिखाउ नेताजी लोगों ने स्थानीय कार्यकर्ताओं और व्यवस्था सम्हाल रहे लोगों को ही काम करने का तरीक़ा समझाना शुरु कर दिया। यह मसला स्थानीय कार्यकर्ताओं को नाराज कर गया, और मसले की गंभीरता को समझ पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने सीधे आदेश जारी कर दिया।
ज़ाहिर है जिस मरवाही को लेकर शानदार पुलाव की क़वायद हो, वहाँ उसमें कंकड़ गिरे या कि आँच में पानी गिरे यह कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है। चेहरा दिखाउ पॉलिटिक्स के क़द्दावरों को फ़िलहाल मन मसौस कर रहना ही ठीक है, क्योंकि पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने पत्र नही आदेश दिया है, और पीसीसी चीफ मरकाम का अपना अंदाज है।

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