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Tantya Mama Statue Controversy : 10 लाख के टेंडर में 50 हजार की नकली मूर्ति : टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में बड़ा भ्रष्टाचार, उद्घाटन भी करवा लिया, जानें फिर क्या हुआ

Tantya Mama Statue Controversy : मध्य प्रदेश के खरगोन से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है, यहां कागजों पर तो जननायक टंट्या मामा की महंगी मूर्ति लगाने का टेंडर पास हुआ

Tantya Mama Statue Controversy : 10 लाख के टेंडर में 50 हजार की नकली मूर्ति : टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में बड़ा भ्रष्टाचार, उद्घाटन भी करवा लिया, जानें फिर क्या हुआ
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Tantya Mama Statue Controversy : 10 लाख के टेंडर में 50 हजार की नकली मूर्ति : टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में बड़ा भ्रष्टाचार, उद्घाटन भी करवा लिया, जानें फिर क्या हुआ

By Uma Verma

Tantya Mama Statue Controversy : खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है, यहां कागजों पर तो जननायक टंट्या मामा की महंगी मूर्ति लगाने का टेंडर पास हुआ, लेकिन जमीन पर फाइबर की सस्ती मूर्ति लगा दी गई, हद पार तो तब हो गया जब बड़े-बड़े नेताओं और अफसरों ने इसका लोकार्पण भी कर दिया

Tantya Mama Statue Controversy : 10 लाख का बजट 50 हजार का माल

पूरा मामला खरगोन के बिस्टान नाका तिराहे का है, नगरपालिका ने इस चौराहे के सुंदरता के लिए करीब 40 लाख रुपये मंजूर किए थे, जिसमें से 10 लाख रुपये सिर्फ मूर्ति के लिए था, मूर्ति कीमती धातु की होनी चाहिए थी, लेकिन जब मूर्ति लगकर तैयार हुई और लोगों ने उसे करीब से देखा, तो पता चला की यह तो महज 50 हजार रुपये वाली फाइबर की मूर्ति है

लोकार्पण तो हो गया लेकिन पोल खुल गई

पिछले साल 15 नवंबर को विधायक बालकृष्ण पाटीदार और कलेक्टर भव्या मित्तल ने बड़े धूमधाम से इस मूर्ति का उद्घाटन किया था, उस समय किसी को ये अंदाजा नहीं था की जिसे वो धातु की मूर्ति समझ रहे हैं, वो असल में नकली है, जब स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध किया और जांच की मांग की, तब जाकर सारा सच सामने निकलकर आया

पकड़े गए तो किया दान का नाटक

जब इस भ्रष्टाचार की पोल खुली और मामला कलेक्टर तक पहुंचा, तो ठेकेदार के हाथ-पांव फूलने लगे, अब खुद को बचाने के लिए ठेकेदार ने माफीनामा लिखा है और कह रहा है कि वह इस फाइबर की मूर्ति को दान में देगा, कांग्रेस ने आरोप लगाया की यह सिर्फ अधिकारियों और ठेकेदार को बचाने के लिए लीपापोती है, कांग्रेस ने मांग की है की सिर्फ ठेकेदार नहीं, बल्कि उन इंजीनियरों पर भी FIR होनी चाहिए जिन्होंने इस घटिया काम को पास किया

अब नगरपालिका ने लिया कड़ा एक्शन

मामला तूल पकड़ते ही कलेक्टर भव्या मित्तल ने मामले में सख्त नाराजगी जताई और आनन-फानन में नगरपालिका की बैठक बुलाई गई, जिसमें ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया, नगरपालिका सीएमओ ने बताया की अब इस फाइबर की मूर्ति को हटाया जाएगा और दोबारा टेंडर निकालकर वहां असली धातु की मूर्ति लगाई जाएगी, और वही दोषी कर्मचारियों को भी नोटिस जारी कर दिया गया है

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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