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MP Weather Alert: 20 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और ओले, गेहूं-चना फसल पर बड़ा संकट

मध्यप्रदेश में 20 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि। गेहूं-चना फसल को नुकसान। जानें जिलेवार मौसम अपडेट, तापमान और 1-2 मार्च तक का पूर्वानुमान।

MP Weather Alert: 20 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और ओले, गेहूं-चना फसल पर बड़ा संकट
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By Meenu Tiwari

भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण और सक्रिय द्रोणिका (ट्रफ लाइन) के असर से पिछले दो दिनों में 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी, बारिश और कई जगह ओलावृष्टि दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम ने गेहूं और चने की फसलों पर असर डाला है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

क्यों बदला मौसम?

उत्तर भारत में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण और मध्य भारत से गुजर रही द्रोणिका के कारण नमी बढ़ी।

पश्चिमी हवाओं के साथ नमी मिलने से बादल तेजी से विकसित हुए, जिससे तेज हवा, बारिश और ओले गिरे।

कहां-कहां हुई बारिश/ओलावृष्टि? (District-wise Update)

मंगलवार को इन जिलों में अचानक बदला मौसम:

छिंदवाड़ा, सिवनी, बैतूल, रतलाम, उज्जैन, बालाघाट, खंडवा, सीहोर, रायसेन, इंदौर, अनूपपुर, डिंडौरी. इन इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। कई जगह ओले गिरने से खेतों में पानी भर गया।

फसलों को कितना नुकसान?

  • गेहूं और चना की तैयार फसल प्रभावित।
  • ओलों से दाने झड़ने और पौधों के झुकने की आशंका।
  • खेतों में पानी भरने से कटाई में देरी संभव।
  • पहले भी फरवरी में तीन दौर की बारिश-ओलावृष्टि हो चुकी है.

कब तक रहेगा असर?

मौसम विभाग के अनुसार 27 फरवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसका असर मध्यप्रदेश पर भी दिखेगा। 1 और 2 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना। बुधवार को मौसम साफ रहने के संकेत।

तापमान का हाल

दिन में अधिकांश जिलों में पारा 30°C से ऊपर। रात में ठंड का असर कम। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 10.8°C (सबसे कम)।

फरवरी में चौथी बार बारिश

फरवरी की शुरुआत से अब तक चार बार बारिश-ओलावृष्टि का दौर।

  • 18–21 फरवरी: तीसरा चरण
  • 23–24 फरवरी: फिर तेज बारिश
  • अब 27 फरवरी के बाद नया सिस्टम सक्रिय होने के आसार

किसानों के लिए सलाह

  • कटाई योग्य फसल की जल्द कटाई करें।
  • खेत में जल निकासी की व्यवस्था रखें।
  • नुकसान होने पर तुरंत पटवारी/कृषि विभाग को सूचना दें।

Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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