School News : दृष्टिबाधित शिक्षकों के लिए बड़ी राहत! हाजिरी के लिए सरकार ने बदला नियम, स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
Hamare Shikshak App attendance : मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 215 दृष्टिबाधित शिक्षकों को ऑनलाइन हाजिरी की समस्या से बड़ी राहत दी है. अब ये शिक्षक हमारे शिक्षक ऐप के बजाय संस्था प्रमुख की आईडी के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे. विधानसभा में शिक्षा मंत्री ने यह भी साफ किया कि इन शिक्षकों की सुविधा के लिए कक्षा 1 से 8 तक की सभी किताबें ब्रेल लिपि में उपलब्ध कराई जा रही हैं.

School News : दृष्टिबाधित शिक्षकों के लिए बड़ी राहत! हाजिरी के लिए सरकार ने बदला नियम, स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
MP Visually Impaired Teachers Attendance Rule : भोपाल : मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की अलख जगा रहे दृष्टिबाधित शिक्षकों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था की है. अब इन शिक्षकों को हमारे शिक्षक ऐप पर तकनीकी समस्याओं के कारण हाजिरी लगाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. सरकार ने तय किया है कि इन शिक्षकों की उपस्थिति अब संबंधित स्कूल के संस्था प्रमुख अपनी लॉगिन आईडी से दर्ज कर सकेंगे. यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विधानसभा में जबलपुर के पाटन से भाजपा विधायक अजय विश्नोई द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में दी.
तकनीकी बाधा को किया गया दूर
वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में कुल 215 दृष्टिबाधित शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ये शिक्षक समावेशी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. हालांकि, दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें मोबाइल ऐप पर खुद की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. शिक्षकों की इस समस्या को समझते हुए विभाग ने संस्था प्रमुखों को उनकी हाजिरी दर्ज करने का अधिकार सौंपा है.
जबलपुर में सबसे ज्यादा, 13 जिले अब भी खाली
शिक्षा विभाग द्वारा जारी जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के जबलपुर जिले में सबसे अधिक 28 दृष्टिबाधित शिक्षक कार्यरत हैं. इसके बाद राजधानी भोपाल में 15, जबकि इंदौर और बालाघाट में 11-11 शिक्षक पदस्थ हैं.
वहीं, दूसरी ओर प्रदेश के 13 जिले ऐसे भी हैं जहां एक भी दृष्टिबाधित शिक्षक की नियुक्ति नहीं है. इनमें मंडला, डिंडौरी, सागर और दमोह जैसे जिले शामिल हैं.नियुक्तियों का ना होना आने वाले समय में विभाग के लिए एक चुनौती बन सकता है.
ब्रेल लिपि में मिलेंगी किताबें
शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों की सुविधा का ध्यान रखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य शिक्षा केंद्र कक्षा 1 से 8 तक की सभी पाठ्यपुस्तकों को ब्रेल लिपि में तैयार करवा रहा है. इससे दृष्टिबाधित शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने में आसानी होगी और पढ़ाई का स्तर भी बेहतर होगा. स्थानांतरण और पदस्थापना के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में इन शिक्षकों के लिए अलग से कोई विशेष नीति नहीं है, लेकिन उनकी सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
तकनीकी उपकरण और आर्थिक सहायता
सरकार द्वारा इन शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप और स्मार्ट फोन जैसी सुविधाएं दी जाती हैं, जिनमें टॉकिंग सॉफ्टवेयर लोड होते हैं. ये सॉफ्टवेयर स्क्रीन पर लिखी जानकारी को बोलकर सुनाते हैं, जिससे शिक्षक डिजिटल काम आसानी से कर पाते हैं. इसके अलावा, राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा उन्हें ब्रेल किट और ब्रेल केन जैसी बुनियादी जरूरतें भी मुफ्त मुहैया कराई जाती हैं. कई मामलों में, इन शिक्षकों को आने-जाने के लिए परिवहन भत्ता और पढ़ाई में मदद के लिए रीडर अलाउंस भी दिया जाता है.
प्रशिक्षण और विशेष अधिकार
शिक्षकों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए समय-समय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जहाँ उन्हें स्मार्ट विजन ग्लासेस और एलेक्सा जैसे उपकरणों का उपयोग करना सिखाया जाता है. नियुक्तियों और सेवा नियमों में भी उन्हें प्राथमिकता दी जाती है जैसे कि भर्ती में 6% दिव्यांग आरक्षण का लाभ और स्थानांतरण के दौरान उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए सुगम स्थानों पर पदस्थापना. इसके साथ ही, कक्षा 1 से 8 तक की किताबों को ब्रेल लिपि में छापकर उनके लिए शिक्षण कार्य को पूरी तरह आसान बनाने का प्रयास किया गया है.
