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MP Buddheshwar Mahadev Temple: महादेव का ऐसा मंदिर जहाँ फूलों नहीं करोड़ों के नोटों से हुई है सजावट, हजारों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु

MP Buddheshwar Mahadev Temple: मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि के अवसर पर एक करोड़ 21 लाख रुपये के नोटों से भव्य सजावट की गई है. पिछले चार वर्षों से मंदिर को फूलों से नहीं, बल्कि नोटों से सजाने की परंपरा बन गई है. इस वर्ष की सजावट अब तक की सबसे बड़ी है, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से मंदिर पहुंच रहे हैं. श्री बुद्धेश्वर महादेव मित्र मंडली ने इस सजावट के लिए एकत्रित किए गए एक करोड़ 21 लाख रुपये का उपयोग किया है, और इसे तीन दिनों के लिए खास तौर पर सजाया गया है.

MP Buddheshwar Mahadev Temple: महादेव का ऐसा मंदिर जहाँ फूलों नहीं करोड़ों के नोटों से हुई है सजावट, हजारों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु
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By Anjali Vaishnav

MP Buddheshwar Mahadev Temple: मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर इस बार महाशिवरात्रि के अवसर पर अपनी सजावट के कारण चर्चा में है. यह मंदिर पिछले चार वर्षों से एक अनोखी परंपरा निभा रहा है, जिसमें फूलों से सजाने की बजाय नोटों से सजावट की जाती है.

इस बार मंदिर की सजावट को और भी भव्य बनाया गया है, जहां एक करोड़ 21 लाख रुपये के नोटों से मंदिर को सजाया गया है. यह संख्या पिछले वर्षों से कहीं अधिक है और इसे लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है. इस विशेष सजावट को देखने के लिए दूर-दूर से लोग मंदिर पहुंच रहे हैं.

चार साल पहले हुई थी शुरुआत

इसकी शुरुआत चार साल पहले हुई थी, जब मंदिर को 7 लाख रुपये के नोटों से सजाया गया था. इसके बाद हर वर्ष नोटों की राशि बढ़ती गई, पहले 11 लाख, फिर 21 लाख और 51 लाख रुपये से सजावट की गई थी. अब यह आंकड़ा एक करोड़ 21 लाख रुपये तक पहुंच चुका है. मंदिर की सजावट में मुकुट, माला और लड़ियों को भी नोटों से बनाया गया है, जिससे यह सजावट बेहद आकर्षक और भव्य लग रही है.

श्री बुद्धेश्वर महादेव मंदिर की इस विशेष सजावट को तैयार करने के लिए श्री बुद्धेश्वर महादेव मित्र मंडली के 22 सदस्यों ने मिलकर 1 करोड़ 21 लाख रुपये एकत्रित किए. इस धनराशि का उद्देश्य मंदिर को सजाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को एक अनोखा अनुभव देना था. इन नोटों से सजावट के साथ मंदिर की भव्यता में और भी वृद्धि हुई है, जो अब एक परंपरा बन चुकी है. यह सजावट हर साल महाशिवरात्रि के दौरान होती है, लेकिन इस बार इसे और भी विशेष रूप से मनाया जा रहा है.

दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं श्रद्धालु

मंदिर की सजावट के इस खास अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं, जो इसे देख कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. बड़नगर के इस मंदिर की महाशिवरात्रि उत्सव की तैयारी बहुत पहले से शुरू हो जाती है और इस दौरान यहां एक विशाल मेला भी आयोजित किया जाता है. इस मेले में आसपास के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं.यह मेला 10 मार्च तक आयोजित किया गया है.

मंदिर की सजावट और महाशिवरात्रि का आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है. मेले और सजावट के कारण बड़नगर में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ होता है. इस मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं का आस्था और विश्वास निरंतर बढ़ता जा रहा है और यह आयोजन इसके प्रतीक के रूप में उभर कर सामने आता है.

यह भी बताया जाता है कि मंदिर में पहले फूलों से सजावट की जाती थी, लेकिन चार साल पहले जब मंदिर के पुजारी और उनके समर्थकों ने नोटों से सजावट की योजना बनाई, तो यह परंपरा बन गई. इसके बाद से मंदिर की सजावट में साल दर साल बढ़ोतरी देखी गई है

मंदिर के पुजारी पंडित महेश गुरु का कहना है कि इस विशेष सजावट के जरिए वे भगवान श्री बुद्धेश्वर महादेव को श्रद्धा और सम्मान अर्पित करना चाहते हैं. साथ ही वे इस तरह के आयोजन को जारी रखने का प्रयास करते हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके. वे मानते हैं कि इस तरह के आयोजन से धार्मिक और सामाजिक सामूहिकता का भाव बढ़ता है और यह एकता और भाईचारे की भावना को प्रोत्साहित करता है.

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