चोरी छुपे अफीम की खेती: फिर मिली अफीम की खेती, पहले हुई बाघ की मौत फिर ऐसे हुआ खुलासा..
MP News: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में यूरिया देकर बाघ को मारने का मामला सामने आया था, जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. जहां बाघ की मौत हुई वहां अवैध अफीम की खेती की जा रही थी,

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छिंदवाड़ा|29 मार्च 2026| मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में यूरिया देकर बाघ को मारने का मामला सामने आया था, जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है. जहां बाघ की मौत हुई वहां अवैध अफीम की खेती की जा रही थी, बाघ की मौत के बाद की जांच के दौरान जंगल में लगभग एक एकड़ पर अफिम की खेती का मामला सामने आया, फिलहाल वन विभाग में पुलिस को मामले की जानकारी दे दी है. बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में 3 अलग-अलग जगहों से अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आ चुका है.
दरअसल पूरा मामला छिंदवाड़ा जिले के तामिया के पास छातीआम गांव का है जहां STR के बाघ की मौत का मामला सामने आया था, बाघ में लगे रेडियो कॉलर में 3 मार्च को हलचल बंद हो गई थी जिसके बाद वन विभाग बाघ की तलाश में गया, वन विभाग मृत बाघ तक तो पहुंच गए लेकिन आगे जो होने वाला था उसका अंदाजा वन विभाग को भी नहीं होगा जब विभाग की टीम वहां पहुंची तो लगभग 1 एकड़ में वन विभाग की नाक के नीचे चोरी छिपे अफिम की खेती की जा रही थी, जिसके बाद तत्काल वन विभाग ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, लेकिन बताया जा रहा है कि बावजूद इसके पुलिस वहां नहीं पहुंची. इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती वन विभाग की मॉनिटरिंग टीम पर भी सवाल खड़े करता है.
700 अफीम के पौधे हो रहे थे तैयार
खेत में करीब एक एकड़ में 700 से अधिक अफीम के पौधे पाए गए. पौधों में डोडे तैयार अवस्था में थे और कई जगह चीरा लगने के निशान भी मिले, जिससे साफ है कि अफीम निकालने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी. अनुमान है कि इस अवैध खेती से करोड़ों रुपए की कमाई की तैयारी थी. हालांकि संबंधित विभागों के बीच तालमेल की कमी के चलते कार्रवाई को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो पाई है.
बाघ शिकार से जुड़ा मामला, पांच गिरफ्तार
यह पूरा खुलासा बाघ शिकार की जांच के दौरान सामने आया. आरोपी किसान ने मवेशियों के शिकार से नाराज होकर साथियों के साथ मिलकर बाघ को जहर देकर मार डाला. डॉग स्क्वॉड की मदद से बाघ का शव खेत के पास से बरामद किया गया. पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल किया, जिसके बाद पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. अब मामले में वन्यजीव संरक्षण और अवैध खेती दोनों पहलुओं पर जांच जारी है.
