MP में सरकारी दफ्तरों की नई टाइमिंग लागू: CM मोहन यादव का बड़ा आदेश, अब 10 से 6 अनिवार्य हाजिरी

भोपाल. मध्य प्रदेश की सरकारी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय और प्रमुख शासकीय भवनों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य उपस्थिति सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। इस फैसले के तहत अधिकारियों-कर्मचारियों की समय पर हाजिरी, आने-जाने का रिकॉर्ड और अनधिकृत अनुपस्थिति की विशेष निगरानी की जाएगी।
यह सख्ती विशेष रूप से वल्लभ भवन, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में लागू की गई है, जहां से प्रदेश की प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
क्या है नया आदेश?
- सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक अनिवार्य उपस्थिति
- देर से आने या बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई
उपस्थिति और मूवमेंट का रिकॉर्ड अनिवार्य
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की विशेष निगरानी टीमें तैनात होगी. सरकार ने साफ किया है कि यह केवल टाइमिंग तय करने का मामला नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति सुधार अभियान है।
सरकार का मकसद क्या है?
मुख्यमंत्री का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कामों में किसी भी तरह की लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फाइलों के निपटारे में तेजी के साथ जनता की शिकायतों का समय पर समाधान, जवाबदेही और पारदर्शिता में बढ़ोतरी होगी. “किसान कल्याण वर्ष 2026” के लक्ष्य पूरे करने में मदद मिलेगी.
किसे फायदा?
जनता को सीधा लाभ मिलेगा. सरकारी दफ्तरों में भटकना कम होगा. समय पर अधिकारी मिलेंगे. लंबित कामों में तेजी.
विपक्ष का पलटवार
विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार और अधिकारियों के बीच भरोसे की कमी दिख रही है। कुछ नेताओं का कहना है कि अगर भरोसा है तो निगरानी की जरूरत क्यों?
क्या बदलेगी कार्य संस्कृति?
यह फैसला सख्त जरूर है, लेकिन असली परीक्षा इसके निरंतर पालन में है। अगर यह अभियान नियमित बना, तो मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सुधार की नई मिसाल बन सकता है।

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
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