किसानों के लिए बड़ी खबर! 25 जिलों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, जानिए आपके जिले में मुआवजे के लिए क्या है CM का प्लान

किसानों के लिए बड़ी खबर! 25 जिलों में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, जानिए आपके जिले में मुआवजे के लिए क्या है CM का प्लान
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मध्य प्रदेश के 25 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल सर्वे और मुआवजा वितरण के निर्देश दिए।

भोपाल। मध्य प्रदेश के 25 जिलों में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी ने रबी फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में गेहूं और सरसों की फसल खेतों में आड़ी होकर गिर गई। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी जिलाधिकारियों को तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को राहत राशि और फसल बीमा का लाभ दिलाने के निर्देश जारी किए हैं।

राज्य सरकार वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मना रही है। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति ने प्रशासनिक तंत्र की तत्परता और राहत व्यवस्था की परीक्षा ले ली है।

63 किमी/घंटा की रफ्तार से चली आंधी, ओलावृष्टि ने बढ़ाया कहर

  • मौसम विभाग के अनुसार प्रभावित जिलों में 63 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलीं।
  • कई स्थानों पर ओलावृष्टि के कारण खड़ी फसलें पूरी तरह झुक गईं।
  • प्राथमिक आकलन में गेहूं और सरसों को सर्वाधिक नुकसान बताया गया है।
  • 25 जिलों में खेत-स्तर पर नुकसान की सूचना राजस्व अमले द्वारा संकलित की जा रही है।
  • कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि रबी सीजन के अंतिम चरण में आई इस आपदा से उत्पादन अनुमान पर असर पड़ सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां फसल कटाई से पहले ही गिर गई।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश: “कोई किसान छूटना नहीं चाहिए”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं—

“सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराएं। प्रभावित किसानों को राहत राशि और फसल बीमा का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए। कोई भी पात्र किसान सर्वे से वंचित नहीं रहना चाहिए।”

प्रशासनिक कार्रवाई

  • तत्काल गिरदावरी (फसल सर्वे) शुरू
  • राजस्व व कृषि विभाग की संयुक्त टीमें तैनात
  • जहां प्रथम चरण का सर्वे पूरा, वहां राहत राशि वितरण प्रारंभ
  • कुछ जिलों को राज्य राहत कोष (SRF) से अग्रिम राशि जारी

सरकारी प्रक्रिया: कैसे मिलेगा मुआवजा?

  • राजस्व सर्वे (गिरदावरी) के आधार पर फसल हानि प्रतिशत निर्धारित होगा।
  • पात्र किसानों को राज्य राहत कोष से सहायता।
  • जिन किसानों ने बीमा कराया है, उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावा भुगतान।
  • राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से बैंक खातों में भेजी जाएगी।
  • जनवरी में हुई इसी तरह की आपदा के बाद भी सर्वे कराकर राहत वितरण शुरू किया गया था। उस प्रकरण में प्रथम चरण की राशि कई जिलों में जारी की जा चुकी है।

क्षेत्रवार असर

मालवा-निमाड़: गेहूं और चना प्रभावित

ग्वालियर-चंबल: सरसों और गेहूं को व्यापक नुकसान


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