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MP News : बालाघाट में छात्रावास की नाबालिग छात्रा बनी माँ ! सुरक्षा को लेकर हुई गंभीर लापरवाही जिम्मेदार कौन ? अधीक्षिका निलंबित

बालाघाट जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली साढ़े 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने जिला अस्पताल में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया. छात्रावास में छात्रा की गर्भावस्था का किसी को पता नहीं चलना बड़ा सवाल है।

MP News : बालाघाट में छात्रावास की नाबालिग छात्रा बनी माँ ! सुरक्षा को लेकर हुई गंभीर लापरवाही जिम्मेदार कौन ? अधीक्षिका निलंबित
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By Meenu Tiwari

BALAGHAT HOSTEL NEWS : मध्य प्रदेश में आये दिन यौन हिंसा की घटना लगातार बढती जा रही है. हालिया घटना मध्य प्रदेश के बालाघाट से भी सामने आ रही है, जहाँ एक सरकारी बालिका छात्रावास में एक नाबालिग छात्रा ने एक बच्ची को जन्म दिया है.


मालूम हो की मध्य प्रदेश के बालाघाट में छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक सरकारी बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ने वाली आठवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा ने एक बच्ची को जन्म दिया। यह मामला सामने आने पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए छात्रावास की अधीक्षिका को निलंबित कर दिया है, जबकि जांच विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही है। घटना ने शिक्षा और छात्रावास प्रबंधन में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मिली जानकारी के अनुसार बालाघाट जिले के गढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसामऊ स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली साढ़े 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा ने जिला अस्पताल में एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। छात्रा आठवीं कक्षा में पढ़ रही थी और पिछले कुछ समय से छात्रावास में निवास कर रही थी। घटना का पता तब चला जब छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे बालाघाट जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया। दोनों मां और बच्ची की हालत सामान्य बताई गई है और वे अस्पताल में निगरानी में हैं।



कब हुआ मामला


यह मामला 28 या 29 जनवरी 2026 के आसपास सामने आया, जब अस्पताल में प्रसव हुआ। छात्रावास जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास परसामऊ है, जो विकासखंड बैहर में स्थित है। छात्रा ग्राम परसामऊ की रहने वाली है और छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। प्रसव के बाद मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।

छात्रावास की अधीक्षिका निलंबित

जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर ने छात्रावास की अधीक्षिका पर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की। अधीक्षिका के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। निलंबन की कार्रवाई छात्रावास में सुरक्षा और निगरानी की कमी को लेकर की गई है, क्योंकि इतने लंबे समय तक छात्रा की गर्भावस्था का पता नहीं चलना गंभीर मामला माना जा रहा है।

पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की संभावना


पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गढ़ी थाना पुलिस ने छात्रा से पूछताछ की है और घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रा की उम्र साढ़े 13 वर्ष है, जो नाबालिग है। मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की संभावना है, क्योंकि नाबालिग के साथ संबंधित कोई अपराध की आशंका है। पुलिस छात्रा के परिवार से भी संपर्क में है और आगे की जांच जारी है।

गर्भावस्था का किसी को पता नहीं चलना बड़ा सवाल


गौरतलब है की छात्रावास में छात्रा की गर्भावस्था का किसी को पता नहीं चलना बड़ा सवाल है। छात्रावास में नियमित स्वास्थ्य जांच और निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं होने से विभागीय स्तर पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। घटना के बाद शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जनजातीय कार्य विभाग ने संयुक्त जांच शुरू की है। छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था, आने-जाने के रिकॉर्ड और छात्राओं की नियमित मॉनिटरिंग पर सवाल उठ रहे हैं।


Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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