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Madhya Pradesh High Court News: शारीरिक संबंध बनाने से किया इंकार तो पति ने पत्नी की वर्जिनिटी टेस्ट की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर की याचिका, हाई कोर्ट ने कहा…

Madhya Pradesh High Court News: पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने से इंकार कर दिया तो नाराज पति ने तलाक की मांग करते हुए पत्नी की वर्जिनिटी टेस्ट की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने पति की याचिका को खारिज करते हुए कहा...

Madhya Pradesh High Court News: शारीरिक संबंध बनाने से किया इंकार तो पति ने पत्नी की वर्जिनिटी टेस्ट की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर की याचिका, हाई कोर्ट ने कहा…
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By Radhakishan Sharma

Madhya Pradesh High Court News: जबलपुर। पत्नी से शारीरिक संबंध बनाने से इंकार कर दिया तो नाराज पति ने तलाक की मांग करते हुए पत्नी की वर्जिनिटी टेस्ट की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने पति की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह पत्नी की निजता में दखल के समान है। कोर्ट ने कहा, इस तरह का परीक्षण व्यक्ति की निजता का गंभीर उल्लंघन है। वैवाहिक विवाद के निपटारे के लिए यह ना तो निर्णायक है और ना ही प्रासंगिक। हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए पति की याचिका को खारिज कर दिया है।

याचिका की सुनवाई हाई कोर्ट के सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने कहा कि पत्नी को चिकित्सकीय परीक्षण और वह भी वर्जिनिटी टेस्ट के लिए बाध्य करना उसकी निजता में सीधेतौर पर दखलंदाजी होगी। पति ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पत्नी शारीरिक संबंध में रुचि नहीं रखती है। इसे आधार बनाते हुए तलाक की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, शारीरिक संबंध बनाने से इंकार करने के आधार पर तलाक नहीं मांगा जा सकता। इस आधार पर हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 11 या 12 के तहत विवाह को शून्य ठहराने का कारण बनता है। धारा 13 के अंतर्गत तलाक का स्वतंत्र आधार भी नहीं बनता है। ऐसे में वर्जिनिटी टेस्ट न तो प्रासंगिक है और न ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचने में सहायक।

क्या है मामला

पति ने फैमिली कोर्ट में तलाक का आवेदन दायर किया था। इसमें पत्नी पर आरोप लगाया था कि वह शारीरिक संबंध बनाने से इंकार करती है। यह मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। फैमिली कोर्ट में सुनवाई के दौरान पत्नी ने पति के आरोपों से साफतौर पर इंकार करते हुए कहा, उसे दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया गया। पति ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन भी किया। उसके साथ शारीरिक और मानसिक दोनों ही क्रूरता की गई है। इससे वह आहत है। पत्नी के इस आरोप के बाद पति ने फैमिली कोर्ट में आवेदन देकर पत्नी के वर्जिनिटी टेस्ट की मांग की। पत्नी के आरोप अप्राकृतिक कृत्य की भी चिकित्सकीय परीक्षण कराने की मांग की थी। मामले की सुनवाई के फैमिली कोर्ट ने पति के आवेदन को खारिज कर दिया था।

हाई कोर्ट ने अप्राकृतिक यौन कृत्य से जुड़े आरोप पर कहा यदि ऐसा कृत्य कथित रूप से बहुत पहले हुआ हो तो मेडिकल जांच से कोई ठोस या निर्णायक परिणाम सामने नहीं आ सकता और यह केवल निजता का अतिक्रमण होगा। हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि मेडिकल साइंस के अनुसार कई मामलों में यौन संबंध के बाद भी हाइमन सुरक्षित रह सकता है, जबकि कुछ मामलों में बिना किसी यौन संबंध के भी हाइमन क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसलिए हाइमन की स्थिति के आधार पर किसी महिला के यौन इतिहास के बारे में निष्कर्ष निकालना न तो वैज्ञानिक है और न ही न्यायसंगत।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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