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कौन है लेडी अफसर अमिता सिंह तोमर? बाढ़ राहत राशि से 2.5 करोड़ का घोटाला किया, अब हुई गिरफ्तार

Amita Singh Tomar Arrested: मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बाढ़ में पीड़ितों के लिए आई राहत राशि का घोटाला करना भारी पड़ गया. तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

कौन है लेडी अफसर अमिता सिंह तोमर? बाढ़ राहत राशि से 2.5 करोड़ का घोटाला किया, अब हुई गिरफ्तार
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By Neha Yadav

Amita Singh Tomar: 27 मार्च 2026, मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बाढ़ में पीड़ितों के लिए आई राहत राशि का घोटाला करना भारी पड़ गया. तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर गिरफ्तार

साल 2021 के श्योपुर जिले में बाढ़ राहत राशि में हुए घोटाला मामले में तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार किया है. 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने अमिता सिंह तोमर की जमानत याचिका खारिज कर दी. जिसके बाद बड़ौदा थाना पुलिस ने गुरुवार को ग्वालियर स्थित उनके घर से उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया जहाँ से इसने जेल भेजा गया है.

क्या है मामला

पूरा मामला साल 2021 का है. 2021 में श्योपुर जिले में बाढ़ आई थी. जिले में आई बाढ़ में बड़ौदा तहसील में 794 हितग्राहियों के नुकसान का आंकलन किया गया था. जिसके बाद शासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत राशि जारी की थी. लेकिन इस राहत राशि में घोटाला हुआ था.

अमिता सिंह तोमर ने किया था 2.57 करोड़ का घोटाला

तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने 25 पटवारियों और 100 से ज्यादा दलालों के मिलकर 2.57 करोड़ रुपये का घोटाला किया था. उसने परिचितों और रिश्तेदारों के 127 फर्जी खातों का इस्तेमाल करके 2.57 करोड़ रुपये खाते में डाल लिये. पीड़ितों को राहत राशि मिली ही नहीं.

कैसे किया गया घोटाला

मामला सामने आने के बाद बड़ौदा थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया. जब मामले की जांच कराइ गयी तो पता चला रिश्तेदारों व परिचितों को बाढ़ पीड़ित दिखाकर उनके खात्तों में राहत राशि ट्रांसफर की गयी. इस मामले में अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी समेत 100 से ज्यादा लोगों को आरोपी बनाया गया.

कौन है अमिता सिंह तोमर

अमिता सिंह तोमर साल 2003 में नायब तहसीलदार बनी थी. उसके बाद 2011 में प्रमोसहन मिला और तहसीलदार बनीं. साल 2011 में वे कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपये जीती थी.

Neha Yadav

नेहा यादव रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी से बीएससी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएट करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। पिछले 6 सालों से विभिन्न मीडिया संस्थानों में रिपोर्टिंग करने के बाद NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहीं है।

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