इंदौर में जल प्रलय : दूषित पानी में मिला हैजा का जीवाणु, मौत का आंकड़ा 15 पहुंचा, 338 नए मरीज मिलने से हाहाकार
इंदौर में जल प्रलय : स्वच्छता में सात बार नंबर वन रहने वाले शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी ने मौत का तांडव मचा रखा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई पानी की जांच रिपोर्ट ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।

इंदौर में जल प्रलय : दूषित पानी में मिला हैजा का जीवाणु, मौत का आंकड़ा 15 पहुंचा, 338 नए मरीज मिलने से हाहाकार
Indore Water Contamination : इंदौर। स्वच्छता में सात बार नंबर वन रहने वाले शहर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी ने मौत का तांडव मचा रखा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई पानी की जांच रिपोर्ट ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। लैब रिपोर्ट में पानी के भीतर हैजा फैलाने वाला घातक जीवाणु पाया गया है। इधर, मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अब तक 15 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि सरकारी तंत्र अभी भी आंकड़ों को लेकर उलझा हुआ है।
Indore Water Contamination : हैजा फैलाने वाले बैक्टीरिया की पुष्टि
दूषित पानी के नमूनों की जांच में विब्रियो कोलेरी जीवाणु मिलने की पुष्टि हुई है। यह बैक्टीरिया शरीर में जाते ही तेजी से संक्रमण फैलाता है और गंभीर डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। इसी रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालों में भर्ती मरीजों का 'कल्चर टेस्ट' कराया जा रहा है। वर्तमान में गंभीर मरीजों को हैजे के इलाज में कारगर मानी जाने वाली 'डॉक्सीसाइक्लिन' दवा दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा है।
संक्रमितों की संख्या में भारी उछाल
भागीरथपुरा क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग का अमला घर-घर जाकर सैंपलिंग कर रहा है। अब तक 8,571 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है, जिनमें से 338 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं। वर्तमान में 200 से अधिक मरीज शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 32 मरीजों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। क्षेत्र में स्थित आयुष्मान क्लीनिक को अस्थायी कैंप में तब्दील कर दिया गया है ताकि नए मरीजों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके।
मौतों के आंकड़ों पर विवाद : इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या को लेकर भारी असमंजस की स्थिति है, क्षेत्र के लोगों का दावा है कि अब तक 15 मौतें हो चुकी हैं। हाल ही में 68 वर्षीय गीता बाई ग्रोवर की मौत के बाद आक्रोश और बढ़ गया है।
सरकारी रिकॉर्ड में अब तक केवल 8 मौतों की ही आधिकारिक पुष्टि की गई है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जहां 4 मौतों की बात कही है, वहीं महापौर ने बीते दिनों 7 मौतों की जानकारी दी थी। आंकड़ों का यह अंतर प्रशासन की पारदर्शिता पर सवालिया निशान लगा रहा है।
जमीनी स्तर पर राहत कार्य जारी
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और पाइपलाइनों की लीकेज जांच रही हैं। प्रभावित क्षेत्र में पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, स्वास्थ्य शिविर जारी रहेंगे।
