स्कूल न्यूज़: शिक्षा के नाम पर खिलवाड़! इस निजी स्कूल में गलत पेपर देख रो पड़े मासूम, पैरेंट्स का स्कूल में हंगामा
इन बच्चों को बिना बताए गलत सिलेब्स के एग्जाम दिला दिए. जिससे स्कूल के करीब 150 बच्चों की परीक्षा खराब हो गई और साल बर्बाद होने की स्थिति बन गई है.

ग्वालियर के एक निजी स्कूल में छात्र और अभिभावकों द्वारा हंगामा का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां परीक्षा के दौरान गलत सिलेबस के पेपर बच्चों को थमा दिया गया।
मालूम हो कि स्कूल में पांचवी और आठवीं बोर्ड कक्षा के छात्रों और उनके पालकों ने हंगामा किया. आरोप है कि इन बच्चों को बिना बताए गलत सिलेब्स के एग्जाम दिला दिए. जिससे स्कूल के करीब 150 बच्चों की परीक्षा खराब हो गई और साल बर्बाद होने की स्थिति बन गई है. हालांकि इस मामले पर जब स्कूल की प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल से बात करने का प्रयास किया तो वे भागती नजर आईं.
कहां हुआ मामला
अंग्रेजों विषय की बोर्ड परीक्षा में लापरवाही असल में ग्वालियर के वायुनगर स्थित स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के आठवीं और पांचवीं क्लास की बोर्ड परीक्षा का सेंटर पास के ही एक निजी स्कूल में था. आरोप है कि, छात्र जब शुक्रवार दोपहर 2 बजे अपनी अंग्रेजी की परीक्षा देने पहुंचे तो समय शुरू होने पर उन्हें अंग्रेजी का प्रश्न पत्र बांटा गया, जो कि एमपी बोर्ड के इंग्लिश मीडियम का सामान्य प्रश्न पत्र था. जब बच्चों ने परीक्षा शुरू की तो आंसर शीट लिखने के कुछ समय बाद ही उनसे एमपी बोर्ड का अंग्रेजी विषय का सामान्य प्रश्न पत्र वापस ले लिया गया और एनसीईआरटी सिलेबस का अंग्रेजी विषय का प्रश्न पत्र थमा दिया गया. ये पूरा प्रश्न पत्र बच्चों के पढ़े सिलेबस से अलग था.
3 बार बदले पेपर
3 बार पेपर बदलते देख बच्चे परेशान हो गए और तुरंत एग्जाम कंट्रोलर को इस बारे में बताया. बच्चों का आरोप है कि, उन्हें साल भर स्कूल में एमपी बोर्ड का सामान्य सिलेबस पढ़ाया गया था. लेकिन अचानक एनसीईआरटी सिलेबस का पेपर दे दिया गया, जिसमें उन्हें कुछ भी नहीं आता था. जब इसकी शिकायत की तो पता चला की, स्कूल प्रिंसिपल ने ही ऐसा करने को बोला है. क्योंकि एग्जाम फॉर्म भरते समय स्कूल प्रबंधन ने बोर्ड में इंग्लिश मीडियम के साथ एनसीईआरटी सिलेबस का फॉर्म भरवाया दिया था वह भी बच्चों को बिना बताए. जबकि उन्हें पढ़ाई एमपी बोर्ड के सामान्य सिलेबस के हिसाब से ही करायी गई थी. लेकिन हंगामे के कुछ देर बात ही जब परीक्षा में महज 15 मिनट बचे तभी एक बार फिर उन्हें एमपी बोर्ड का सामान्य पेपर थमा दिया गया. ऐसे में बच्चे अपनी परीक्षा दे ही नहीं पाए कॉपी में कुछ नहीं लिख पाए.
पालकों की प्राचार्य से हुई बहस
जब पूरा घटनाक्रम बच्चों ने घर वालों को बताया तो वह भी टेंशन में आ गये और स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल से बात करने का प्रयास करने लगे. लेकिन उनकी बात समझने के बजाए प्राचार्य ने उनसे बहस करते हुए कह दिया कि, आप परेशान ना हो सभी बच्चे पास हो जाएंगे. इस रवैये के बाद बच्चे और पेरेंट्स सकते में आ गाए. उन्होंने खरी खोटी सुनाते हुए स्कूल में हंगामा शुरू कर दिया.
छात्रों ने क्या कहा
आठवीं के छात्र ने बताया कि, उन्हें परीक्षा शुरू होने के बाद दो अलग-अलग सिलेबस के पेपर दिए गए. आखिर के पांच मिनट में उनके पढ़े सिलेबस एमपी बोर्ड का सामान्य पेपर दिया और भरी हुई आंसर शीट में ही अपना पेपर करने को बोला गया, दूसरी शीट भी नहीं दी और दो घंटे बैठा कर रखा गया.” कक्षा पांच में पढ़ने वाली छात्रा ने बताया कि, “पूरे साल कक्षा में उन्हें एमपी बोर्ड का सामान्य सिलेबस पढ़ाया गया था. लेकिन बोर्ड परीक्षा में उन्हें एनसीईआरटी सिलेबस का पेपर दे दिया गया. जिसकी वजह से वह पेपर नहीं दे पायी.
इन हालातों के बीच जब ग्वालियर के जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी से संपर्क किया तो उन्होंने कॉल ही रिसीव नहीं किया. हालांकि मामले को लेकर जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने पूरी मामले की जानकारी लेकर मदद का आश्वासन दिया है.
