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ग्वालियर: मौत के 5 दिन बाद तक मां की लाश के साथ रहे भाई-बहन, पड़ोसियों को भनक तक नहीं… ऐसे खुला राज

ग्वालियर में एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके बेटे और बेटी मृत मां के शव के साथ करीब 4-5 दिन तक बैठ रहे. बताया जा रहा है कि बेटा अखंड और बेटी रितु मानसिक रूप से कमजोर हैं.

ग्वालियर: मौत के 5 दिन बाद तक मां की लाश के साथ रहे भाई-बहन, पड़ोसियों को भनक तक नहीं… ऐसे खुला राज
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By Meenu Tiwari

ग्वालियर जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया, जहां एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके बेटे और बेटी मृत मां के शव के साथ करीब 4-5 दिन तक बैठ रहे. घर में घटना का पता पड़ोसियों को तब लगा जब घर से बदबू से आई. पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने अंदर का नजारा देखा तो वह भी भौचक्की रह गई.

पुलिस ने घर खोलकर देखा तो बुजुर्ग महिला के शव डिकंपोज्ड हो चुका था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया, लेकिन रहस्य बना हुआ है कि महिला के साथ क्या हुआ, जिसका पता अब बुजुर्ग महिला के शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा.

कब और कहां हुई घटना

मामला कोतवाली थाना के दही मंडी स्थित मदन मोहन मार्केट की है, जहां 70 वर्षीय बुजुर्ग रिटायर्ड क्लर्क उर्मिला भदौरिया अपने बेटे अखंड प्रताप सिंह और बेटी रितु के साथ रहती थीं. बुजुर्ग महिला के पति का पूर्व में ही स्वर्गवास हो चुका है. बताया जाता है शुक्रवार सुबह दूधवाले को घर से तेज बदबू आई तो उसने आसपास के लोगों को बुलाकर मामले की सूचना दी और पड़ोसियों ने पुलिस को बुला लिया, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ.

बताया जा रहा है कि बेटा अखंड और बेटी रितु मानसिक रूप से कमजोर हैं, हालांकि बेटा-बेटी दोनों ही शिक्षित है.

थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्पष्ट हो पाएगा कि बुजुर्ग उर्मिला भदौरिया की मौत कैसे हुई है. मामले पर पड़ोसियों का कहना है कि बुजुर्ग महिला के बेटा और बेटी मानसिक रूप से कमजोर थे और दोनों कम ही घर से बाहर निकला करते थे.

शव निकालने पर बच्चों ने किया विरोध

गौरतलब है जब बुजुर्ग महिला के घर पहुंचकर पुलिस ने महिला का शव घर के बाहर निकालना चाहा तो बेटे अखंड ने इसका विरोध किया. हालांकि बाद में समझाने-बुझाने के बाद बुजुर्ग महिला के शव को किसी तरह से बाहर निकाल गया और महिला के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज गया.

Meenu Tiwari

मीनू तिवारी 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और प्रिंट व डिजिटल मीडिया में अनुभव रखती हैं। उन्होंने हरिभूमि, पत्रिका, पेज 9 सहित क्लिपर 28, लल्लूराम, न्यूज टर्मिनल, बोल छत्तीसगढ़ और माई के कोरा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वर्तमान में वे एनपीजी न्यूज में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।

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