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Amrit Rekha App : MP में अब रोबोट खोजेंगे पानी और सीवर के लीकेज : अमृत रेखा ऐप से होगी लाइव निगरानी, इंदौर त्रासदी के बाद सरकार का बड़ा एक्शन

Amrit Rekha App : मध्य प्रदेश मे अब पानी की शुद्धता और सीवर लाइनो की मरम्मत के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लिया जाएगा, इंदौर में पिछले दिनों दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद राज्य सरकार ने भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है

Amrit Rekha App : MP में अब रोबोट खोजेंगे पानी और सीवर के लीकेज : अमृत रेखा ऐप से होगी लाइव निगरानी, इंदौर त्रासदी के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
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Amrit Rekha App : MP में अब रोबोट खोजेंगे पानी और सीवर के लीकेज : अमृत रेखा ऐप से होगी लाइव निगरानी, इंदौर त्रासदी के बाद सरकार का बड़ा एक्शन

By Uma Verma

भोपाल : MP Water Supply Update : मध्य प्रदेश मे अब पानी की शुद्धता और सीवर लाइनो की मरम्मत के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लिया जाएगा, इंदौर में पिछले दिनों दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद राज्य सरकार ने भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है, अब प्रदेश की पाइपलाइनो में होने वाले लीकेज और गंदगी का पता लगाने के लिए इंसानो के बजाय आधुनिक रोबोट और डिजिटल मैपिंग का इस्तेमाल किया जाएगा

MP Water Supply Update : अमृत रेखा ऐप करेगा पाइपलाइनो की निगरानी

नगरीय प्रशासन विभाग ने जल आपूर्ति और सीवेज सिस्टम की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अमृत रेखा नाम से एक विशेष पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मध्य प्रदेश के सभी 413 नगरीय निकायो की पानी और सीवर लाइनो का पूरा नेटवर्क मैप अपलोड किया जा रहा है, इस ऐप के जरिए अधिकारी अपने दफ्तर मे बैठकर यह देख सकेंगे की पाइपलाइन कहा से गुजर रही है, उसमें कहा क्रॉसिंग पॉइंट्स हैं और लीकेज कहा से हो रहा है

इंदौर हादसे से लिया सबक

यह पूरा प्रोजेक्ट इंदौर के भागीरथपुरा में हुई उस दुखद घटना के बाद शुरू किया गया है, जहा पाइपलाइन में सीवर का पानी मिलने की वजह से कई लोगों की जान चली गई, जांच में पाया गया था की पुरानी पाइपलाइनो मे लीकेज और सीवर लाइन के करीब होने के कारण पानी गंदा हुआ था, अब नई तकनीक और रोबोट डिटेक्शन की मदद से जमीन के अंदर मौजूद इन लीकेज का पता आसानी से और पहले ही लग जाएगा, जिससे समय रहते मरम्मत की जा सकेगी और लोगो तक शुद्ध पानी पहुंच सकेगा

5000 से ज्यादा लीकेज पर हुई कार्रवाई

सरकारी आंकड़ो के मुताबिक, इस अभियान के तहत अब तक पूरे प्रदेश में कुल 5219 पाइपलाइन लीकेज की पहचान की गई है विभाग ने अब तक इसमें काम करते हुए इनमे से 4893 लीकेज को ठीक कर दिया है इससे न सिर्फ पानी की बर्बादी रुकी है, बल्कि सीवर के गंदे पानी के मिलने का खतरा भी कम हुआ है, इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों में भूजल स्रोतों की जांच भी की गई, जिसमें 58 ट्यूब वेल का पानी दूषित पाया गया, प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इन सभी ट्यूबवेलोको तुरंत सील कर दिया है

रोबोट कैसे करेगा काम

पाइपलाइन के अंदर जाकर किसी इंसान के लिए लीकेज ढूंढना बेहद मुश्किल काम होता है, अब जिन इलाको में पाइपलाइन जमीन के काफी नीचे है, वहा रोबोट कैमरो और सेंसर्स को भेजा जाएगा, ये रोबोट पाइप के अंदर घूमकर लीकेज की फोटो और वीडियो अमृत रेखा ऐप पर भेजेंगे, इससे इंजीनियरो को सटीक जगह का पता चलेगा और बिना पूरी सड़क खोदे ही मरम्मत का काम किया जा सकेगा

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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