LOC पर माइन ब्लास्ट में गंवाया पैर….

नई दिल्ली 26 अक्टूबर 2019 जब हमारी जिंदगी में कोई हादसा हो जाता है तो हम उससे बुरी तरह से टूट जाते हैं, लेकिन सुबेदार आनंदन ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपना एक पैर खोने के बाद भी अपनी हिम्मत नहीं हारी और आज वे इस मुकाम पर हैं, कि वे अगले साल पैरालंपिक्स इवेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.

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मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप एंड सेंटर के पैरा एथलीट सुबेदार आनंदन गुणसेकरन ने टोक्यो पैरालंपिक्स 2020 के लिए क्वालिफाई कर लिया है. इस क्वालिफिकेशन के बाद आनंदन काफी खुश हैं.

32 साल के आनंदन तमिलनाडु के कुंबाकोणम से ताल्लुक रखते हैं. साल 2005 में वे भारतीय सेना में शामिल हुए थे. उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में एलओसी पर थी. साल 2008 में एलओसी पर एक माइन ब्लास्ट हुआ और आनंदन ने इस हादसे में अपना लेफ्ट पैर खो दिया.

इस हादसे से उभरना आनंदन के लिए काफी मुश्किल था, क्योंकि एक पैर के सहारे वे सेना में एक फौजी के तौर पर वापस नहीं जा सकते थे, जो दुश्मनों के साथ जाकर भिड़ सके, इसका उन्हें काफी दुख था. धीरे-धीरे आनंदन अपनी आशा खो रहे थे, लेकिन तभी उन्हें प्रेरणा मिली साउथ अफ्रीका के एथलीट ऑस्कर पिस्टोरियस से.

पिस्टोरियस से प्रेरणा पाकर आनंदन ने साल 2012 में प्रोस्थेटिक लेग के जरिए ट्रेनिंग लेना शुरू किया. इस ट्रेनिंग के दौरान आनंदन ने मुंबई मैराथन में 2.5k रन पूरे किए. आनंदन सेना की तरफ से ही दौड़ते हैं.

साल 2014 में ट्यूनीशिया में आईपीसी एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स इवेंट का आयोजिन हुआ था. इस इवेंट में आनंदन ने 200 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता था. इसके बाद आनंदन ने साउथ कोरिया में हुए 17वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया

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