ATM में एक नोट छोड़ 1 करोड़ से ज्यादा रकम बैंक से ठग चुका था ये शातिर……एयरपोर्ट से पुलिस ने शातिरों को दबोचा….इनकी ठगी का तरीका जान रह जायेंगे दंग

बस्तर 2 दिसंबर 2020। …बस्तर पुलिस ने उन ठगों को धर दबोचा है, जिसने बैंक की नींद उड़ा रखी थी। MBA स्टूडेंट ये नटवरलाल बैंक को इस कदर चूना लगाता था कि ना ग्राहकों को पता चलता था और ना ही बैंकों को। अब तक इन शातिरों न 1 करोड़ से ज्यादा की रकम बैंक से पार कर ली थी। पुलिस ने इन दोनों शातिरों को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। खबर के मुताबिक ये शातिर एटीएम कार्ड के जरिये पूरे फर्जीवाड़ा को अंजाम दिया करते थे। पुलिस ने आरोपियों को उत्तर प्रदेश के जौनपुर से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी वहीं के रहने वाले हैं। इनमें से एक MBA छात्र है और वहीं मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।

दरअसल, केरला होटल और कोठारी मार्केट के पास स्थित SBI के ATM से 3 माह में 1,08,62,000 रुपए गायब थे। खास बात यह थी कि ट्रांजेक्शन किया गया, लेकिन बिना रुपए निकले ही कम हो जाते थे। इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और खातों का मिलान किया। साइबर सेल की मदद से पुलिस UP के जौनपुर तक पहुंच गई और वहां से अनुराग यादव और जनार्दन यादव को धर दबोचा।

भाड़ा में लाते थे एटीएम कार्ड

परिचित और रिश्तेदारों से उनके डेबिट कार्ड 4-5 हजार रुपए किराए पर लाते थे। रुपए के ट्रांजेक्शन के बाद उनके खाते से विड्रॉल कर लेते। आरोपियों ने ATM से रुपए निकालने के लिए AXIS, IDFC, कोटक महिंद्रा बैंक, IDBI, इंडसइंड बैंक, DBS, यस बैंक, HDFC, PNB, यूनियन व ड्यूच बैंक के डेबिट कार्ड का इस्तेमाल किया। पुलिस ने उनके पास से 3 ATM कार्ड, पासबुक, 3 चेकबुक, पैनकार्ड, आधार कार्ड, 5 मोबाइल, 2 लाख रुपए और अन्य सामान बरामद किया है।

ATM में नोट छोड़कर लगाते थे चूना

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ATM से रुपए निकालने के बाद एक नोट छोड़ देते थे। थोड़ी देर बाद मशीन उसे नोट को कैश वेनिटि में वापस ले लेती थी। इसके बाद ट्रांजेक्शन डिक्लाइन हो जाता। इससे अंदर का मेकेनिज्म ATM से निकली रकम को नहीं जोड़ता था। फिर इसी को आधार बनाकर आरोपी पूरे रुपए का क्लेम बैंक से करते थे। जिसे उनके खाते में क्रेडिट कर दिया जाता।

 

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